Sunday, March 8, 2026
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वनंतरा रिजार्ट मामले में संत स्वामी शिवानंद ने आंदोलन को दिया समर्थन, कहा- कौन थे वे वीआइपी

ऋषिकेश: वनंतरा रिजार्ट मामले में ऋषिकेश में चल रहे आंदोलन को समर्थन देने हरिद्वार कनखल से मातृसदन के संत स्वामी शिवानंद यहां पहुंचे। उन्होंने कहा कि सड़क से लेकर न्यायालय तक वह इस लड़ाई में बेटी के परिवार के साथ हैं। मुख्यमंत्री वीआइपी के नाम का खुलासा करने में जितना विलंब करेंगे उतने ज्यादा सवाल खड़े होंगे।

इस बेटी का जिक्र आता है तो दिलभर आता है
युवा न्याय संघर्ष समिति की ओर से चलाए जा रहे आंदोलन को समर्थन देने के लिए हरिद्वार से मातृसदन के संत स्वामी शिवानंद मंगलवार की दोपहर यहां पहुंचे। उन्होंने कहा कि जब-जब इस बेटी का जिक्र आता है तो दिल भर आता है। यह बात कहते हुए उनका गला भर आया और आंखों में आंसू भर आए।

हत्यारों को भगवान भी नहीं करेगा माफ
उन्होंने कहा कि बेटी के हत्यारों को भगवान भी कभी माफ नहीं करेगा। उत्तराखंड में एक नहीं, बल्कि कई रिसार्ट ऐसे हैं जहां इस तरह के गलत काम हो रहे हैं। इन सब के खिलाफ निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इस हत्याकांड का मामला शीघ्र फास्टट्रैक में चलना चाहिए और दो महीने के भीतर इसमें सुनवाई पूरी हो जानी चाहिए।

सुनवाई को लोग सुन और देख सकें
उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय नैनीताल का हम सम्मान करते हैं। साथ ही यह भी मांग करते हैं कि इस मामले में जो भी सुनवाई हो उसके लिए ऐसी व्यवस्था हो जिसे सभी लोग सुन और देख सकें।

  • स्वामी शिवानंद ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी क्यों नहीं इस मामले में शामिल वीआइपी के नाम का खुलासा करवाते हैं। इस बात को लेकर जितना विलंब होगा उतने ही सवाल खड़े होते रहेंगे।

वीआइपी का नाम तक नहीं उगलवा पाई पुलिस
स्वामी शिवानंद ने कहा कि बेटी की हत्या करने वाले पुलिस की गिरफ्त में थे, बड़ा सवाल यह है कि पुलिस इनसे वीआइपी का नाम तक नहीं उगलवा पाई। ऐसी स्थिति में अपराध और बढ़ेंगे। उन्होंने पुलिस के मुखिया से सवाल किया कि ऋषिकेश में रात के 12 बजे किस नियम के तहत आंदोलनकारी महिला को जबरन उठाया गया।

सीबीआइ जांच पर भी हमें भरोसा नहीं
मातृसदन के संत स्वामी शिवानंद ने कहा उत्तराखंड में 20-25 लाख रुपये देकर जो व्यक्ति दारोगा बनेगा उससे ईमानदारी और न्याय की उम्मीद कैसे की जा सकती है। उन्होंने कहा इस मामले में सीबीआइ जांच पर भी हमें भरोसा नहीं है।

हाईकोर्ट के जज की निगरानी में हो जांच
हम चाहते हैं कि ऐसी एसआइटी बने जिसमें अन्य प्रांत के ईमानदार पुलिस अधिकारी शामिल किए जाएं, जो हाईकोर्ट के जज की निगरानी में काम करें। हम यह न्याय एक बेटी के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी मांग रहे हैं।

बदला जाए पुलिस के मुखिया को
उन्होंने पुलिस के मुखिया को बदलने और इनकी भी जांच करने की मांग की। यह इसलिए भी जरूरी है कि वनंन्तरा रिसार्ट में ना जाने कब से अवैध और अनैतिक गतिविधियां चल रही थी और पुलिस सहित खुफिया तंत्र को इसकी जानकारी तक नहीं थी।

क्‍या अवैध कार्यों के लिए बनाया था रिसार्ट
इस रिसार्ट में कब-कब और कितने वीआइपी आकर रुके, इस बात की भी जांच होनी चाहिए। हमें तो यही लगता है कि जंगल में रिसार्ट इस तरह के अवैध कार्यों के लिए बनाया गया था।

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