देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को देहरादून में आयोजित मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम में विद्यार्थियों से संवाद किया। कार्यक्रम से प्रदेशभर के ढाई लाख से अधिक युवा वर्चुअल माध्यम से जुड़े। इस दौरान युवाओं ने नशे की बढ़ती समस्या, रोजगार और समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर मुख्यमंत्री से सवाल किए।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आने वाले समय में युवाओं के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारियां होंगी। युवा अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर देश और प्रदेश के निर्माण में योगदान देंगे। कोई उद्यमी बनेगा, कोई डॉक्टर, किसान या शिक्षक बनकर समाज की सेवा करेगा। उन्होंने कहा कि आज का युवा नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करता है और परिवहन व्यवस्था से लेकर स्वच्छता तक कई क्षेत्रों में बदलाव लाने की क्षमता रखता है।
मुख्यमंत्री ने अभिभावकों की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि बच्चे गलत दिशा में जा रहे हैं तो अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि उन्हें अच्छे संस्कार और सही मार्गदर्शन दें। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के शिकागो भाषण का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके संबोधन से पूरी दुनिया भारत की संस्कृति और विचारों से परिचित हुई।
‘जीवन में संकल्प लेकर आगे बढ़ें युवा’
सीएम धामी ने कहा कि भारतीय परंपरा में किसी भी शुभ कार्य से पहले संकल्प लेने की परंपरा है और यही संकल्प आगे चलकर सिद्धि का कारण बनता है। युवाओं को भी जीवन में अपने लक्ष्य को लेकर संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में जाना है, उसमें विकल्पों के बजाय लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। विकल्प बढ़ने से लक्ष्य से भटकने की संभावना रहती है। युवाओं को मिशन बनाकर आगे बढ़ना होगा और आने वाले समय में प्रदेश व देश का नाम ऊंचा करना होगा।
युवाओं ने उठाया नशे का मुद्दा
संवाद के दौरान युवाओं ने मुख्यमंत्री के सामने नशे की बढ़ती समस्या को प्रमुखता से उठाया। एक युवा ने कहा कि मोहल्लों और स्कूलों के आसपास शराब व ड्रग्स की बिक्री से युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। उन्होंने नशे की दुकानों पर रोक लगाने की मांग की।
सीएनआई गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्रा दिव्या ने भी ड्रग्स की दुकानों को बंद करने की मांग उठाई। वहीं साहिना ने पहाड़ों में शादी समारोह समेत अन्य आयोजनों में शराब परोसे जाने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में शराब पर पूरी तरह रोक लगनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए उन्हें कौशल विकास से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्किल सीखनी चाहिए, जिससे वे अपने भविष्य को बेहतर बना सकें और नशे जैसी बुराइयों से दूर रह सकें।

