Tuesday, March 10, 2026
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सीएम ने किया नरेन्द्र सिंह नेगी को केदार सिंह रावत पर्यावरण पुरस्कार प्रदान

देहरादून। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने केन्ट रोड स्थित कैंप कार्यालय में नरेन्द्र सिंह नेगी को केदार सिंह रावत पर्यावरण पुरस्कार प्रदान किया। सी.पी भट्ट पर्यावरण एवं विकास केन्द्र द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में  नरेन्द्र सिंह नेगी को गायन के माध्यम से पर्यावरण एवं वन संरक्षण के प्रति लोक चेतना विकसित करने के लिए यह पुरस्कार दिया गया।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि नरेन्द्र सिंह नेगी अपने गीतों के माध्यम से उत्तराखण्ड की ऐतिहासिकता, पौराणिकता, पर्यावरण सरंक्षण को लेकर उत्तराखण्ड को विशेष पहचान दिलाई है। यह सबके लिए गर्व की बात है कि उन्हें केदार सिंह रावत पर्यावरण पुरस्कार दिया जा रहा है। अपने गीतों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण की उन्होंने अलख जगाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में पर्यावरण चेतना के प्रति लोगों में जागरूकता है, लेकिन पर्यावरण संरक्षण के लिए हमें और प्रयास करने होंगे। जल संरक्षण की दिशा में भी अनेक प्रयासों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड जैव विविधताओं वाला प्रदेश है। जैव विविधता की वजह से उत्तराखण्ड की एक अलग पहचान है। पर्यावरण संरक्षण के श्री केदार सिंह रावत,  चण्डी प्रसाद भट्ट और राज्य के अनेक लोगों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

लोक गायक नरेन्द्र सिंह नेगी ने कहा कि अपने गीतों के माध्यम से मैंने पर्यावरण चेतना से जागरूकता फैलाने का प्रयास किया। गीतों के माध्यम से उत्तराखण्ड की संस्कृति, लोक पंरपराओं एवं ऐतिहासिकता को उजागर करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता के साथ इस दिशा में और प्रयास होने चाहिए।
इस अवसर पर बी.डी. सिंह,  ओम प्रकाश भट्ट,  गणेश खुगशाल, रमेश थपलियाल आदि उपस्थित थे।

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*जनप्रतिनिधियों से समन्वय सुनिश्चित करें जिलाधिकारी: मुख्यमंत्री तीरथ* *रोजाना आम जनता से मिलने का समय निर्धारित करें जिलाधिकारी* *मुख्यमंत्री तीरथ के जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश* मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि सभी जिलाधिकारी जनप्रतिनिधियों से समन्वय सुनिश्चित करें। नियमित रूप से अपने जनपद के विधायकगणो से बैठक कर यथासंभव जनसमस्याओ का समाधान करेंगे और इसकी रिपोर्ट शासन को भेजेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलाधिकारी अपने कैम्प कार्यालय में न बैठकर अपने मूल कार्यालय में बैठें। ताकि आगंतुक आम जनता को कष्ट न हो। आम जनता की जिलाधिकारी तक आसानी से पहुंच सुनिश्चित हो। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये हैं कि प्रत्येक दिन 2 घंटे जिलाधिकारी जनता से मिलकर उनकी समस्या सुनेंगे और तुरंत निस्तारित करेंगे। जनप्रतिनिधियों को पूरा सम्मान हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाये।
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