बद्रीनाथ धाम को स्मार्ट स्प्रीचवल टाउन के रूप में विकसित करने के सौ करोड़ के कार्यों के लिए एमओयू साइन हुए। केदारनाथ उत्थान ट्रस्ट और तेल एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की पब्लिक सेक्टर कंपनियों के बीच यह एमओयू साइन हुए। इस मौके पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री श्धर्मेंद्र प्रधान की वर्चुअल मौजूद रहे। समझौता पत्र पर पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से सचिव तन्नू कपूर और उत्तराखंड की ओर से पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री मोदी ने केदारनाथ के बाद बदरीनाथ धाम के कायाकल्प का भी निर्णय लिया। यहां आगामी 100 वर्षों की आवश्यकताओं के मद्देनजर 85 हेक्टेयर भूमि में चरणबद्ध तरीके से कार्य किये जाने हैं। बदरीनाथ धाम में यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने के विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। इसी के साथ यहां पर व्यास गुफा, गणेश गुफा और चरण पादुका आदि का भी पुनर्विकास किया जाना है। प्रथम चरण में यहां पर अस्पताल के विस्तारीकरण का कार्य प्रस्तावित है। इसके अलावा रिवर फ्रंट डेवलपमेंट, तटबंधों में सुदृढ़ीकरण, लैंड सकेपिंग, भीड़ होने पर होल्डिंग एरिया, पुलों की रेट्रोफिटिंग आदि कार्य होने हैं।
बद्रीनाथ धाम को स्प्रिचुअल धाम बनाने के लिये 100 करोड़ के एमओयू साइन
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