Saturday, March 7, 2026
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– कुंभ में कोई नही माना जायेगा वीआइपी, सामान्य बन कर ही कर पायेंगे स्नान

कुम्भ मेले के मद्देनजर डीजीपी अशोक कुमार, पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड की अध्यक्षता में कुम्भ मेला-2021 में भीड़, यातायात एवं पुलिस प्रबन्धन को लेकर अन्तर्राज्यीय समन्वय बैठक का आयोजन पुलिस मुख्यालय सभागार में किया जा रहा है। बैठक में उत्तरप्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, चण्डीगढ़, जम्मू-कश्मीर, एनआईए, रेलवे सुरक्षा बल, आसूचना ब्यूरो के अधिकारियों सहित प्रदेश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने प्रतिभाग किया जा रहा है। कुंभ मेले के आयोजन में समय भले ही सरकार ने कम किया हो लेकिन व्यवस्था के मद्देनजर कोई कमी न रहे इसके मद्देनजंर तमाम इंतज़ाम किये जा रहे है। खासतौर पर कुंभ में यातायात व्यवस्था और करोना को लेकर विशेष इंतजाम किया जा रहे है।
-देहरादून इंटरस्टेट कोर्डिनेशन बैठक में कुंभ मेला 2021 के लिए राज्यवार व एजेंसियों व उत्तराखंड राज्य पुलिस के मध्य निम्न बिन्दुओ पर चर्चा कर ये अहम निर्णय लिये गये।उत्तराखंड डीजीपी अशोक कुमार ने इस बैठक में कुम्भ को लेकर कई अहम निर्देश दिये जिसमे केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा कुम्भ मेले के लिए जारी एसओपी का पूर्णतः से पालन करेंगे और जारी दिशा-निर्देशों का अपने-अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म से भी प्रचार-प्रसार करेंगे, जो भी तीर्थयात्री एवं श्रद्धालु उनके राज्य से कुम्भ मेले में आये वो कोविड की गाइडलाइन्स का अनुपालन करें। तीर्थयात्रियों एवं श्रद्धालुओं को कुम्भ मेला के वेब पोर्टल में रजिस्ट्रेशन करने और कोविड नेगिटिव रिपोर्ट की अनिवार्यता के सम्बन्ध में विस्तार से बताया और उसके प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया गया। सभी राज्यों द्वारा इस पर सहमति व्यक्त की गयी। शाही स्नानों के दिन वीआईपी मूवमेन्ट पर रोक रहेगी। वीआईपी यदि आना चाहते हैं तो वे एक साधारण श्रद्धालु की भांति ही आ सकते हैं। राज्यों एवं एजन्सियां द्वारा पूर्व की घटनाओं एवं कुम्भ के दौरान घटित घटनाओं राष्ट्र विरोधी तत्वों के सम्बन्ध में अभिसूचना साझा की और भविष्य में भी अभिसूचना का आदान-प्रदान व्हाट्सएप एवं अन्य माध्यमों से करने का निर्णय लिया गया। ट्रैफिक डायवर्जन में सीमावर्ती राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सभी सीमावर्ती राज्यों के नोडल अधिकारियों में समन्वय एवं सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए उनका एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया जाएगा। प्रमुख स्नान वाले दिनों में यातायात का दबाव अधिक होने पर उत्तर प्रदेश की भूमिका महत्वपूर्ण होगी और डायवर्जन शुरू किया जाएगा। इस सम्बन्ध में जल्द ही सभी सीमावर्ती जनपदों के पुलिस उपाधीक्षकों एवं थाना प्रभारियों एक बैठक हरिद्वार में आयोजित की जाएगी।  रेलवे में अधिक भीड़ होने पर सीमावर्ती नजीबाबाद और सहारनपुर के रेलवे स्टेशनों को भी एक्टिव किया जाएगा। कुम्भ मेले के मार्गों पर सीमावर्ती राज्यों द्वारा भी विभिन्न स्थानों पर एम्बूलेंस एवं क्रेन तैनात करने पर भी सहमति बनी। कुम्भ के दौरान सम्पर्क एवं संचार के लिए वायरलेस का उपयोग किया जाएगा और एक काॅमन फ्रिक्वेन्सी की व्यवस्था कर ली जाएगी।प्रत्येक राज्य एवं एजन्सी में एक वरिष्ठ अधिकारी को कुम्भ मेले में समन्वय हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। कुम्भ मेले के दौरान प्रत्येक राज्य द्वारा सोशल मीडिया मॉनिटरिंग की जाएगी और  इससे प्राप्त सूचनाओं को तुरंत शेयर किया जाएगा।कुंभ मेले के प्रचार-प्रसार के लिए फेसबुक पेज भी बनाया गया है। इस पेज पर कुंभ से जुड़ी सभी सूचनाये श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही उत्तराखण्ड पुलिस के फेसबुक पेज और ट्विटर हैण्डल से भी ट्रैफिक प्लान और पार्किंग की जानकारी श्रद्धालु घर बैठे पा सकेंगे। अन्तर्राज्यीय अपराधियों के सम्बन्ध में विवरण, डोजियर्स आदि का आदान-प्रदान किये जाने, मानव तस्करी, जेब कतरों, ईनामी एवं वांछित अपराधियों की कड़ी नगरानी करने और इनके सम्बन्ध में जानकारी तुरन्त साझा करने पर बल दिया अन्तर्राज्यीय बैरियरों/चैक पोस्ट- चिड़ियापुर बैरियर, नारसन चैक पोस्ट, लखनौता चैक पोस्ट, काली नदी बैरियर एवं गौवर्धन चैक पोस्ट पर संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की सीमावर्ती प्रदेशों के साथ संयुक्त चैकिंग की जाएगी।बैठक में श्री दीपक रावत, मेलाधिकारी, कुम्भ मेला एवं सभी राज्यों और एजेन्सियों के अधिकारियों द्वारा कुम्भ मेले की व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में अपने विचार साझा किये।
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