Sunday, March 8, 2026
Homeराज्यउत्तराखण्डचारधाम यात्रा पर नैनीताल हाईकोर्ट ने की उत्तराखंड सरकार की जमकर खिंचाई

चारधाम यात्रा पर नैनीताल हाईकोर्ट ने की उत्तराखंड सरकार की जमकर खिंचाई

नैनीताल हाईकोर्ट ने चारधाम यात्रा को लेकर बुधवार को राज्य सरकार की जबर्दस्त खिंचाई की और चारधाम यात्रा पर विचार कर 28 जून तक कोर्ट को बताने को कहा है। यही नहीं कोर्ट ने कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर तैयारियों को लेकर भी स्वास्थ्य महकमे से सात जुलायी तक विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

मुख्य न्यायाधीश आर एस चौहान की अगुवाई वाली पीठ ने ये निदेर्श कोरोना महामारी को लेकर सचिदानंद डबराल और अन्य आधे दर्जन से अधिक जनहित याचिकाओं की सुनवाई के बाद दिये हैं। इस दौरान मुख्य सचिव ओमप्रकाश, स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी व संयुक्त सचिव पर्यटन डा. आशीष चौहान कोर्ट में पेश हुए।

कोर्ट ने कहा कि केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव व अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक कोरोना वायरस की तीसरी लहर को लेकर राज्यों को आगाह कर चुके हैं। विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना वायरस के डेल्टा प्लस वेरिएंट को अधिक तीव्र व खतरनाक माना जा रहा है और आशंका है कि कोरोना की तीसरी लहर अक्तूबर के प्रथम सप्ताह में दस्तक दे सकती है।

कोर्ट ने यह भी कहा कि डेल्टा प्लस वेरिएंट के मामले महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और केरल में सामने आ चुके हैं। महाराष्ट्र के दो जिले इसकी चपेट में आ चुके हैं। कोर्ट ने आगे कहा कि हरिद्वार महाकुंभ का उदाहरण हमारे सामने है। महाकुंभ के बाद देश में कोरोना की दूसरी लहर का प्रसार तेजी से हुआ है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान गंगा दशहरा और नैनीताल के नीम करौली धाम का उदाहरण भी दिया।

कोर्ट ने कहा कि हाल ही में संपन्न गंगा दशहरा के मौके पर हरिद्वार में एक लाख से अधिक लोगों की भीड़ उमड़ी। इस दौरान कोविड महामारी को लेकर जारी मानकों का खुल्लमखुला उल्लंघन किया गया। हर की पैड़ी पर एकत्र भीड़ ने न तो सामाजिक दूरी व न ही मास्क का पालन किया। पुलिस प्रशासन भीड़ को नियंत्रित करने में नाकाम रहा। नीम करौली धाम में भी मंगलवार को कपाट खुलने के मौके पर हजारों श्रद्धालु एकत्र हो गये और यहां भी मानकों का पालन नहीं किया गया। कोर्ट ने कहा कि विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों के जीवन को खतरा हो सकता है। ऐसे में कोर्ट ने चिंता व्यक्त करते हुए बच्चों का नुकसान न केवल माता पिता का नुकसान है बल्कि इसमें देश का नुकसान है। ऐसे में कोर्ट ने राज्य सरकार के चारधाम यात्रा की अनुमति पर सवाल उठाये।
हालांकि मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने कोर्ट को बताया कि वह कोर्ट की चिंता को कैबिनेट के सामने रखेंगे और चारधाम यात्रा पर विचार करेंगे। कोर्ट ने स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी को भी कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के ढांचागत विकास को लेकर सात जुलाई तक रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

कोर्ट ने सरकार की कोरोना डेथ आडिट रिपोर्ट पर सवाल उठाये हैं। कोर्ट ने अल्मोड़ा मुख्य चिकित्सा अधिकारी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि रिपोर्ट में कहा गया है कि अकिकांश मामलों में लोगों की मृत्यृ हृदयगति रूकने से हुई है। कोर्ट ने तीसरी लहर के मद्देनजर ग्रामीण स्तर पर मौजूद प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
video
play-sharp-fill

Most Popular

Recent Comments