देहरादून। अयोध्या में निर्माणाधीन श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि यह मंदिर भारत के सम्मान और गौरव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वर्षों की न्यायिक लड़ाई के बाद इस ऐतिहासिक मंदिर के निर्माण की शुरुआत हुई, जो देशवासियों की आस्था, संघर्ष और एकजुटता का परिणाम है।
देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम में चंपत राय ने बताया कि मंदिर निर्माण के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने 42 दिनों तक एक राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया, जिसमें लगभग 10 करोड़ लोगों से संपर्क किया गया। इस अभियान के माध्यम से देशभर के लोगों ने तीन प्रमुख बैंकों में करीब 3,000 करोड़ रुपये की राशि एकत्रित की। उन्होंने यह भी बताया कि इस अभियान में न केवल हिंदू समाज, बल्कि कई मुस्लिम और ईसाई समुदायों के लोगों ने भी सहयोग राशि दी।
चंपत राय ने कहा, “राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि 500 वर्षों की लंबी संघर्ष यात्रा का प्रतीक है। यह मंदिर अयोध्या का अनमोल हीरा है, जो विदेशी आक्रांताओं द्वारा तोड़े गए मंदिरों के अपमान का जवाब भी है।”
उन्होंने बताया कि अब तक श्रीरामलला के दर्शन के लिए छह करोड़ से अधिक श्रद्धालु अयोध्या पहुँच चुके हैं। अयोध्या में लगभग तीन हजार मंदिर हैं, लेकिन राम जन्मभूमि मंदिर का महत्व सबसे अधिक है क्योंकि यह मंदिर एक ऐतिहासिक और न्यायसंगत आंदोलन का प्रतिफल है।

