Sunday, March 8, 2026
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‘सुप्रीम कोर्ट का फैसला भले ही हिंदू जनमानस के खिलाफ आए, लेकिन राम मंदिर जरूर बनेगा’


हरिद्वार। विश्व हिंदू परिषद मार्गदर्शक मंडल की बैठक आज दूसरे दिन भी जारी रही। इस दौरान राम मंदिर निर्माण, धारा 370, धारा 35 ए, जनसंख्या नियंत्रण और गाय व गंगा के संरक्षण से संबंधित प्रस्तावों पर चर्चा की गई। आज राम मंदिर सहित अन्य प्रस्ताव पारित भी किए जाएंगे।

विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल के वरिष्ठ सदस्य युग पुरुष स्वामी परमानंद सरस्वती ने इस दौरान कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला भले ही हिंदू जनमानस के खिलाफ आए, लेकिन राम मंदिर जरूर बनेगा। यह स्पष्ट है कि कोर्ट का फैसला अगर राम मंदिर निर्माण के खिलाफ आता है तो भी सरकार से अध्यादेश लाकर मंदिर का निर्माण कराया जाएगा।

जल्दी ही राम मंदिर का निर्माण होगा
बैठक में साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि जल्दी ही राम मंदिर का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि पूरा संत समाज इस बात को लेकर आशान्वित है कि राम मंदिर का निर्माण जल्दी होने वाला है। कई दिशाओं में प्रयास चल रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि अगली बार जब विश्व हिंदू परिषद की बैठक होगी तो उसमें मंदिर निर्माण की तिथि घोषित कर दी जाएगी।

इस दौरान विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष विष्णु सदाशिव कोकजे तथा महामंत्री मिलिंद पांडे ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में अल्पसंख्यक वर्ग के बच्चों के लिए घोषित की गई वजीफा योजना को लेकर परिषद अभी समीक्षा कर रही है। सरकार से मनसा जानकर ही इस बारे में अपनी प्रतिक्रिया दी जाएगी।

अब राजनीतिक दल हिंदुओं की उपेक्षा नहीं कर सकते
इससे पहले बुधवार को विश्व हिंदू परिषद के मार्गदर्शक मंडल की बैठक में संतों और परिषद के पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार से हिंदुओं से किए सभी वादे पूरे करने की मांग उठाई। जोर दिया कि मोदी सरकार ने पिछले कार्यकाल में जो वादे किए थे, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। संतों ने लोकसभा चुनाव नतीजों का हवाला देते हुए कहा कि यह भी साबित हो गया है कि अब राजनीतिक दल हिंदुओं की उपेक्षा नहीं कर सकते।

उत्तरी हरिद्वार स्थित श्रीअखंड परमधाम में स्वामी विवेकानंद की अध्यक्षता में उद्घाटन सत्र में कई प्रस्तावों पर चर्चा की गई। परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने बैठक के एजेंडे पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्ष 1952 से लेकर अब तक राजनीतिक परिवेश कुछ और था। पहली बार ऐसा हुआ है कि हिंदुओं के प्रति गंभीरता से सोचने वाली सरकार सत्ता में दोबारा लौटी है। इससे साफ है कि देश से भाई-भतीजावाद, भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण जैसे मुद्दे जनता ने उखाड़ फेंके हैं।

उन्होंने पुलवामा हमले के बाद बालाकोट एयर स्ट्राइक को राजनीतिक परिवेश बदल देने वाली करार दिया। बैठक में विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष विष्णु सदाशिव कोकजे ने कहा कि नई सरकार से सभी को उम्मीदें हैं। इस सरकार को जनता की भावना के अनुरूप खरा उतरते हुए काम करना होगा। बैठक का संचालन अशोक तिवारी ने किया।

इन्होंने भी की शिरकत
वरिष्ठ संत युगपुरुष स्वामी परमानंद, महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद, पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद, स्वामी चिदानंद मुनि, श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह, जगतगुरु रामानंदाचार्य, रामाधराचार्य, आचार्य अविचलदास, महामंडलेश्वर ज्ञानानंद, स्वामी परमानंद सरस्वती, द्वारकाचार्य श्याम देवाचार्य, स्वामी कृष्णाचार्य, महामंडलेश्वर हरिहरानंद सरस्वती, स्वामी चिदानंद मुनि, डॉक्टर रामेश्वर दास वैष्णव, महामंडलेश्वर हरिचेतना नंद, महंत फूलडोल, बिहारी दास, महामंडलेश्वर परमानंद भारती, स्वामी जितेंद्र नाथ, स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती, महंत कमल नयन दास, महंत सुरेश दास, महंत कंहैया दास, महंत रविंद्र पुरी, महंत देवानंद सरस्वती, स्वामी शंकरानंद गिरि, महंत राम कृष्ण दास, महामंडलेश्वर अनूप आनंद, श्रीमहंत नवल किशोर दास, महामंडलेश्वर ज्योतिमर्यानंद, राजेंद्र पकंज आदि।

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