गोपेश्वर। भगवान रुद्रनाथ की डोली आज सूर्यास्त से पहले गोपीनाथ मंदिर परिसर पहुंच जाएगी, जहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भगवान को नए अनाज का भोग अर्पित किया जाएगा। इसके साथ ही रुद्रनाथ जी की शीतकालीन पूजा का शुभारंभ होगा।
मंदिर समिति के अनुसार, आगामी छह माह तक भगवान रुद्रनाथ की डोली गोपीनाथ मंदिर परिसर में विराजमान रहेगी और यहीं पर भक्तजन दर्शन एवं पूजन कर सकेंगे। शीतकालीन प्रवास के दौरान भगवान की सेवा-पूजा गोपीनाथ मंदिर में ही विधिवत की जाएगी।
कपाट बंद होने की पावन बेला पर भगवान को 251 पुष्प गुच्छों (मंदार के बुखले) से आच्छादित किया जाएगा। मान्यता है कि यह पुष्प भगवान की विशिष्ट आराधना का प्रतीक हैं। जब रुद्रनाथ मंदिर के कपाट पुनः खोले जाते हैं, तो इन पुष्पों को प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं में वितरित किया जाता है।
यह परंपरा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक श्रद्धा की अनूठी मिसाल भी है। डोली यात्रा एवं फूलों की यह परंपरा क्षेत्रीय जनमानस में विशेष धार्मिक उत्साह का संचार करती है।

