Sunday, March 8, 2026
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कांगड़ी गांव में कहर बरपा सकता है गंगा का पानी, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

लालढांग। हरिद्वार एक गांव में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। कमली गांव में गंगा का पानी बाढ़ बनकर कहर बरपा सकता है। गंगा और गांव के बीच बने 2 फीट के पुस्ते के नीचे से पानी रिस-रिस कर सिद्ध सोत्र नाले की ओर बह रहा है। गंगा के जलस्तर में थोड़ी सी वृद्धि होने पर पुस्ता धराशाई होने पर गंगा का पानी सीधे गांव की ओर रुख करेगा।

वहीं अधिकारियों के निरीक्षण के बाद भी राहत बचाव कार्य शुरू नहीं होने पर ग्रामीणों में जिला प्रशासन के प्रति खासा आक्रोश पनप रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जल्द राहत बचाव कार्य शुरू नहीं किया जाता तो उन्हें आंदोलन करने को बाध्य होना पड़ेगा। आपदा की दृष्टि से कांगड़ी गांव को बेहद संवेदनशील माना जाता है। यहां 2013 में आई आपदा ने जमकर कहर बरपाया था। गंगा का रुख गांव की ओर होने से ग्रामीणों को हर वर्षा में बाढ़ आने का खतरा बताता रहता है।

गंगा का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण परेशान
पिछले दिनों से गंगा के जलस्तर में काफी वृद्धि हो रही है इसके बाद कांगड़ी गांव से गंगा के बीच मात्र दो फीट का पुस्ता शेष बचा है। अब खतरे की बात यह है कि उस पुस्ते के नीचे से गंगा का पानी रिस-रिस कर सिद्ध सोत्र नाले की ओर आ रहा है। जहां से पानी सीधा गांव की ओर जा सकता है। ग्रामीणों को भय सता रहा है कि गंगा के जलस्तर में पूरी सी वृद्धि होने पर यह पुस्ता धराशाई हो जाएगा और गंगा का पानी गांव में तबाही मचा सकता है।

प्रशासन की नहीं खुली नींद
ग्रामीण लक्ष्मण कश्यप, संदीप कुमार पूर्व प्रधान राजेश कुमार, सुनोज पाल, रविंद्र पाल, बबलू पाल का कहना है कि 2013 से अब तक हर वर्ष वर्षा के दौरान ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ी रहती है। गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने पर कई रातें ग्रामीणों को छतों में गुजारने को मजबूर होना पड़ता है, मगर उसके बावजूद जिला प्रशासन की नींद नहीं खुली है।

बताया कि 24 घंटे से भी ज्यादा का समय गुजर चुका है जब उपजिलाधिकारी निरीक्षण करने पहुंचे थे, उन्होंने तत्काल राहत बचाव कार्य करने को निर्देशित किया था, मगर अभी भी राहत बचाव के किसी प्रकार का कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।

ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द राहत बचाव के कार्य शुरू नहीं किए गए तो पूर्व की तरह ग्रामीणों को आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ेगा। वही मामले में सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता मंजू ने बताया कि उन्हें जैसा आदेश मिलेगा वह वैसा ही काम करेंगे।

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