हरिद्वार नगर निगम में करोड़ों रुपये के जमीन घोटाले के मामले में शासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो IAS और एक PCS अधिकारी को विभागीय चार्जशीट थमा दी है। ये तीनों अधिकारी पहले ही निलंबित किए जा चुके हैं। मामला ग्राम सराय क्षेत्र की 2.3070 हेक्टेयर जमीन की कथित रूप से ₹54 करोड़ में खरीद से जुड़ा है, जो उपयोग के लिहाज़ से अनुपयुक्त मानी जा रही थी।
किन अफसरों पर गिरी गाज:
कर्मेन्द्र सिंह – तत्कालीन जिलाधिकारी, हरिद्वार
वरुण चौधरी (IAS) – तत्कालीन नगर आयुक्त, हरिद्वार
अजयवीर सिंह (PCS) – तत्कालीन अपर जिलाधिकारी (ADM)
तीनों पर वित्तीय अनियमितता, प्रक्रियात्मक उल्लंघन और शासन को गुमराह करने के आरोप हैं। जांच में पाया गया कि जिस भूमि की कीमत करीब ₹15 करोड़ आंकी गई थी, उसे ₹54 करोड़ में खरीदा गया। ₹39 करोड़ की यह अतिरिक्त राशि सीधे-सीधे राजकोष की क्षति को दर्शाती है।
सचिव (वित्त) रणवीर सिंह चौहान ने मामले की प्रारंभिक जांच कर 29 मई को शासन को रिपोर्ट सौंपी थी। उसी के आधार पर 3 जून को तीनों अफसरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। इसके बाद अब उन्हें चार्जशीट सौंपी गई है।
वर्तमान में इस मामले की जांच विजिलेंस टीम कर रही है, जिसकी कमान IPS रचिता जुयाल के पास है। नगर निगम से दस्तावेज़, बैंक खाते और लेनदेन की जांच की जा रही है। अब तक ₹34 करोड़ से अधिक की राशि विभिन्न खातों से फ्रीज़ की जा चुकी है।
अगर विजिलेंस की जांच में अपराध की पुष्टि होती है, तो इन अधिकारियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। वहीं सरकार विवादित सौदे क रद्द कर धनवसूली की तैयारी में भी है।

