हरिद्वार। अमावस्या के मौके पर हरिद्वार में आस्था का ज्वार उमड़ पड़ा। यहां हरकी पैड़ी पर ब्रह्म कुंड के अलावा आसपास गंगा घाटों पर शनिवार भोर से ही श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया।
गंगा में गिर रहे नालों पर जताई चिंता
हरिद्वार : वहीं जिलाधिकारी कर्मेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक हुई। जिसमें गंगा स्वच्छता, अवैध अतिक्रमण, मूर्ति विसर्जन, प्लास्टिक प्रतिबंध और जल प्रदूषण रोकथाम को लेकर चर्चा हुई। साथ ही प्रेम नगर आश्रम घाट, खड़खड़ी और अन्य स्थानों पर नालों से गंगा में गिर रहे गंदे पानी पर चिंता जताई गई।
नालों के बहाव की दिशा बदलने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने नगर निगम और सिंचाई विभाग को इन नालों के बहाव की दिशा बदलने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में कास्सावान नाले में आपत्तिजनक सामग्री डाले जाने को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी कर्मेंद्र ने नगर निगम को महीने में दो बार निरीक्षण करने के निर्देश दिए। यदि स्थिति नहीं सुधरती तो महीने में तीन या चार बार निरीक्षण किया जाए।
अवैध अतिक्रमण लगातार की जाए कार्रवाई
जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह ने कहा कि गंगा घाटों और नालों पर हो रहे अवैध अतिक्रमण लगातार कार्रवाई की जाए। इसके लिए संयुक्त निरीक्षण कर अवैध अतिक्रमण हटाने और आरोपितों पर जुर्माने की प्रक्रिया तेज लाई जाए।
बैठक में पुलों से गंगा नदी, नहरों और अन्य जल स्रोतों में यात्रियों द्वारा कूड़ा और पूजा सामग्री फेंकने की समस्या पर भी चर्चा हुई। इसे रोकने के लिए पुलों पर जाल लगाने का निर्णय लिया गया, जिसके लिए नगर निगम और एचआरडीए को पत्र भेजकर शीघ्र कार्रवाई करने को कहा गया।
इसके अलावा जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि नगर निगम रोस्टर बनाकर सफाई अभियान चलाए और सार्वजनिक स्थलों पर मूर्ति विसर्जन के लिए निर्देशात्मक बोर्ड लगाए। जिलाधिकारी ने घाटों के आसपास सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया। इस बैठक में डीएफओ वैभव कुमार सिंह, नगर आयुक्त नंदन कुमार, अपर जिलाधिकारी दीपेंद्र सिंह नेगी मौजूद रहे।