Sunday, March 8, 2026
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इस बार रुड़की में बने मिट्टी के सुंदर दीयों से रोशन होगी लंदन की दीपावली

कुंजा बहादरपुर में बने मिट्टी के सुंदर दीयों से इस बार लंदन की दीपावली रोशन होगी। दिल्ली के एक कारोबारी ने लंदन के लिए स्पेशल दीयों की मांग की थी, जिसका स्टॉक एक सप्ताह पहले रवाना किया जा चुका है। यही नहीं, यहां के विशेष दीयों की मांग देश के अलग-अलग प्रदेशों में भी है। कुम्हार दिल्ली और पंजाब का ऑर्डर भी जल्द से जल्द पूरा करने में जुटे हैं।

दिल्ली से मिला लंदन के लिए स्पेशल दीये तैयार करने का ऑर्डर
दीपों के त्योहार दीपावली में अब कुछ ही दिनों का समय शेष है। कोरोना संक्रमण का प्रभाव कम होने के बाद विभिन्न प्रदेशों के अलावा इस बार विदेश में भी झबरेड़ा के कुंजा बहादरपुर में बने दीयों की मांग है। मिट्टी के बर्तन बनाने वाले सतीश प्रजापति ने बताया कि हर वर्ष दीपावली पर यूपी, पंजाब और दिल्ली से दीयों की मांग आती थी, लेकिन इस बार दिल्ली के एक कारोबारी ने लंदन के लिए स्पेशल दीये तैयार करने का ऑर्डर दिया था।

एक सप्ताह पूर्व ऑर्डर तैयार कर दिल्ली भेज दिया गया है। भरत सिंह प्रजापति ने बताया कि उनके बनाए दीये इस बार लंदन की दीपावली रोशन करेंगे। यह उनके लिए काफी गर्व की बात है। लंदन के लिए विशेष तरीके से एक हजार दीये तैयार किए हैं।

यहां की मिट्टी की बात ही अलग
इन दीयों को पहले मिट्टी से बनाया गया। फिर जलने के लिए मोम का भी प्रयोग किया गया है। एक दीये की कीमत 60 रुपये है। जबकि, स्थानीय स्तर पर बिक्री के लिए पांच से 50 रुपये की कीमत तक दीये बनाए गए हैं। शेरू प्रजापति ने बताया कि इस बार मिट्टी के दीयों की मांग अधिक है। इसलिए दिन-रात दीये बनाए जा रहे हैं।

कुंजा बहादुरपुर के कुम्हारों की कलाकारी के साथ यहां की मिट्टी की भी अलग ही बात है। बताया जाता है कि इस गांव की दोमट मिट्टी के जैसे बर्तन कहीं और की मिट्टी से नहीं बनते। अन्य गांवों के कुम्हार भी इस गांव से मिट्टी लेकर जाते हैं। कुम्हारों ने अलॉट कराए गए मिट्टी के रकबे को तारबाड़ से कवर कर रखा है। इसमें से मिट्टी की खोदाई की जाती है।

हाईटेक तरीके से बनाए जा रहे हैं दीये और बर्तन
कुछ समय पहले तक मिट्टी के बर्तन बनाने के लिए चाक में डंडा लगाकर हाथ से घुमाना पड़ता था, लेकिन अब चाक भी हाईटेक हो गए हैं। ये चाक बिजली की मोटर से चलते हैं। पहले वाले चाक से मॉडर्न चाक तीन गुना ज्यादा काम करता है। इससे उत्पादन दर भी बढ़ गई है। हाईटेक चाक से मिट्टी के बर्तन और दीये बनाने का रुझान युवाओं में भी देखा जा रहा है।

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