हरिद्वार। पंचक समाप्त होते ही कांवड़ मेला दूसरे चरण में प्रवेश कर गया है। इसके साथ ही पुलिस ने यातायात व्यवस्था के लिए तैयार किए गए प्लान का दूसरा चरण भी लगभग लागू कर दिया है। अब हाईवे पर रात के समय भी भारी वाहनों को प्रवेश नहीं मिलेगा। पांच अगस्त से 11 अगस्त तक भारी वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक रहेगी।
कांवड़ मेले के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस ने चरणबद्ध ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। इसके तहत चार अगस्त तक भारी वाहनों को रात 12 बजे से सुबह चार बजे तक हाईवे पर संचालन की अनुमति थी। अब पांच अगस्त से भारी वाहनों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
सात अगस्त से बढ़ेगा वाहनों पर दबाव
पुलिस को सात अगस्त से कांवड़ियों की संख्या और वाहनों का दबाव बढ़ने की आशंका है। ऐसे में हरिद्वार आने वाले वाहनों को पूरी तरह डायवर्ट कर मंगलौर से लक्सर की ओर भेजा जाएगा। यहां से वाहन कनखल होते हुए बैरागी कैंप और दक्ष मंदिर के पीछे स्थित मैदान में बनाई गई पार्किंग तक पहुंचेंगे।
हालांकि, फिलहाल जरूरत के अनुसार बीच-बीच में वाहनों को मंगलौर से लक्सर की ओर डायवर्ट कर हरिद्वार भेजा जा रहा है। भीड़ का दबाव बढ़ने पर सात अगस्त से पहले भी कभी भी शत-प्रतिशत डायवर्जन लागू किया जा सकता है।
एसएसपी नवनीत सिंह ने श्रद्धालुओं और अन्य यात्रियों से अपील की है कि वे निर्धारित रूट, पार्किंग और ट्रैफिक डायवर्जन का पालन करें। यात्रा शुरू करने से पहले यातायात प्लान की जानकारी अवश्य प्राप्त करें, ताकि जाम और परेशानी से बचा जा सके।
सामान्य यातायात और कांवड़ वाहनों के लिए अलग रूट
दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, मंगलौर, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, सहारनपुर, देहरादून, ऋषिकेश, नैनीताल और नजीबाबाद से आने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग रूट निर्धारित किए गए हैं। कांवड़ वाहनों के लिए भी अलग मार्ग तय किए गए हैं।
सहारनपुर और यमुनानगर की ओर से आने वाले कांवड़ वाहन मंडावर, सालियर चौक, अब्दुल कलाम चौक, नगला इमरती, लक्सर और एसएम तिराहे से होते हुए बैरागी कैंप पार्किंग पहुंचेंगे। वहीं, भीड़ बढ़ने पर दिल्ली, मेरठ और मुजफ्फरनगर से आने वाले कांवड़ वाहनों को रामपुर तिराहा, कोलकी टोल प्लाजा, बड़कलां और मंडावर के रास्ते बैरागी कैंप भेजा जाएगा।
कांवड़ वाहनों के लिए अलग पार्किंग व्यवस्था
मुरादाबाद, बिजनौर और नजीबाबाद की ओर से आने वाले कांवड़ वाहनों को चिड़ियापुर, गैंडीखाता और 4.2 डायवर्जन के रास्ते गौरीशंकर और नीलधारा पार्किंग में खड़ा कराया जाएगा।
देहरादून और ऋषिकेश से आने वाले कांवड़ वाहनों को नेपाली तिराहा, सप्तऋषि तिराहा और दूधाधारी फ्लाईओवर से होते हुए चमगादड़ टापू और लालजीवाला पार्किंग में भेजा जाएगा।
बैरागी कैंप में खड़े कांवड़ वाहनों की निकासी श्मशान घाट पुल, श्रीयंत्र पुल, बूढ़ी माता तिराहा, देशरक्षक और सिंहद्वार के रास्ते हाईवे पर कराई जाएगी।
रोडवेज और निजी बसों के लिए भी अलग प्लान
रोडवेज और निजी बसों के संचालन के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है। दिल्ली, पंजाब और हरियाणा से आने वाली बसों को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से मंडावर और अब्दुल कलाम चौक होते हुए ऋषिकुल मैदान या निर्धारित पार्किंग तक भेजा जाएगा।
देहरादून और ऋषिकेश से आने वाली बसों का संचालन मोतीचूर पार्किंग तक होगा, जबकि नजीबाबाद रूट की बसों को नीलधारा और गौरीशंकर पार्किंग में भेजा जाएगा। दिल्ली और देहरादून के बीच संचालित सभी बसों को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का ही इस्तेमाल करना होगा।

