नई दिल्ली/कैनबरा: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर टैरिफ लगाए जाने की बात के बीच, ऑस्ट्रेलियाई व्यापार मंत्री डॉन फैरेल ने भारत का समर्थन करते हुए ‘मुक्त और निष्पक्ष व्यापार’ के प्रति अपने देश की प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने संरक्षणवाद को खारिज करते हुए कहा कि समृद्धि का रास्ता खुले और निष्पक्ष वैश्विक व्यापार से होकर गुजरता है।
डॉन फैरेल ने स्पष्ट रूप से कहा, “हम एक ऐसे देश हैं जो मुक्त और निष्पक्ष व्यापार में विश्वास करते हैं। हमारा मानना है कि समृद्धि सुनिश्चित करने का सबसे अच्छा तरीका मुक्त, निष्पक्ष और खुला व्यापार जारी रखना है। हम ऑस्ट्रेलिया या भारत पर टैरिफ लगाने का समर्थन नहीं करते। संरक्षणवाद कोई रास्ता नहीं है।”
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय पर आई है जब भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (CECA) को अंतिम रूप देने की दिशा में बातचीत तेज हो गई है। पिछले हफ्ते ऑस्ट्रेलिया ने अपने शीर्ष वार्ताकार को नई दिल्ली भेजा था, जहां दोनों देशों के बीच गहन वार्ताएं हुईं। फैरेल ने बताया कि भारतीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के साथ उनकी दो बार वर्चुअल बैठकें भी हुईं।
उन्होंने कहा, “ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच पहले से ही एक मजबूत आधार है। 2022 में हस्ताक्षरित आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौता (ECTA) ने कई उत्पादों पर शुल्क खत्म किए हैं और सेवाओं के बाज़ार को खोलने की दिशा में रास्ता बनाया है। लेकिन हम इससे भी आगे बढ़ सकते हैं। मेरा उद्देश्य न केवल व्यापार बढ़ाना है, बल्कि मजबूत सामुदायिक संबंध भी बनाना है।”
फैरेल ने भारत की आर्थिक प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया भारत में निवेश बढ़ाने का इच्छुक है। उन्होंने कहा, “भारत एक संपन्न लोकतंत्र है, जहां जीवन स्तर में लगातार सुधार हो रहा है। हमें यहां अपार अवसर नजर आ रहे हैं और हम भारत के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं।”
भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों की मजबूती पर उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और शैक्षणिक संबंध भी गहरे हैं। “हमारे पर्यटकों, प्रवासियों और छात्रों में भारतीय समुदाय की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है, जिससे दोनों देशों के बीच जुड़ाव और प्रगाढ़ हुआ है,”।
फैरेल की यह टिप्पणी भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के संकेत देती है। वहीं, यह ट्रंप की टैरिफ नीति के संभावित असर के बीच एक सकारात्मक वैश्विक व्यापार दृष्टिकोण को दर्शाती है।

