वॉशिंगटन: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस को लेकर एक बड़ा और ऐतिहासिक ऐलान किया है। ट्रंप ने कहा है कि व्हाइट हाउस के ईस्ट विंग को तोड़कर वहां एक नया, अत्याधुनिक और भव्य प्रेसिडेंशियल बॉलरूम बनाया जाएगा। यह घोषणा उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर की।
ट्रंप ने बताया कि यह प्रोजेक्ट पूरी तरह से निजी फंडिंग से किया जाएगा, जिससे अमेरिकी करदाताओं पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। उन्होंने इसे “भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक तोहफा” बताया।
150 साल पुराना सपना अब होगा साकार
ट्रंप ने दावा किया कि, “150 वर्षों से हर राष्ट्रपति यह सपना देखता रहा है कि व्हाइट हाउस में एक बॉलरूम हो। मुझे गर्व है कि मैं इस बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट को शुरू करने वाला पहला राष्ट्रपति बना।” उन्होंने आगे कहा कि यह बॉलरूम राजकीय यात्राओं, भव्य आयोजनों और आधिकारिक कार्यक्रमों के लिए प्रयोग में लाया जाएगा।
ऐसा होगा नया प्रेसिडेंशियल बॉलरूम
व्हाइट हाउस द्वारा जारी की गई डिज़ाइन तस्वीरों में इस बॉलरूम को बेहद भव्य और शाही शैली में दर्शाया गया है:
- आकार: लगभग 90,000 वर्गफुट
- क्षमता: एक साथ 650 मेहमानों को बैठाने की व्यवस्था
- आंतरिक सजावट: क्रिस्टल और गोल्ड के झूमर, सोने से सजे कॉलम, नक्काशीदार छतें, और चेकर्ड मार्बल फ्लोर
- खिड़कियाँ: दक्षिण लॉन की ओर खुलने वाली मेहराबदार खिड़कियाँ
- शैली: व्हाइट हाउस की पारंपरिक शास्त्रीय वास्तुकला से मेल खाता डिज़ाइन
यह बॉलरूम मौजूदा सबसे बड़े ईस्ट रूम से तीन गुना बड़ा होगा और इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
1,660 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत
इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत लगभग 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 1,660 करोड़ रुपये) बताई गई है। ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रोजेक्ट में देशभक्त दानदाताओं, अमेरिकी कंपनियों और उनकी अपनी निजी भागीदारी भी होगी।
पहले भी किए हैं बदलाव
राष्ट्रपति रहते हुए ट्रंप पहले भी व्हाइट हाउस परिसर में कई बदलाव कर चुके हैं। इनमें बड़े फ्लैगपोल्स की स्थापना, रोज गार्डन का नया डिज़ाइन और ओवल ऑफिस में गोल्डन सजावट शामिल है। अब इस नए बॉलरूम के साथ ट्रंप एक बार फिर व्हाइट हाउस के स्वरूप में ऐतिहासिक परिवर्तन करने जा रहे हैं।
एक नया अध्याय
ट्रंप का मानना है कि यह बॉलरूम अमेरिका के राजनीतिक और सांस्कृतिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेगा। इस पहल को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, लेकिन ट्रंप समर्थकों ने इसे “राष्ट्र की गरिमा बढ़ाने वाला कदम” बताया है।

