पेरिस/अंटानानारिवो: फ्रांस ने उपनिवेश काल में मेडागास्कर से ले जाए गए तीन मानव खोपड़ियों को वापस कर दिया है। इनमें से एक खोपड़ी को मालागासी राजा टोएरा की मानी जा रही है, जिन्हें 1897 में फ्रांसीसी सैनिकों ने फांसी देकर उनका सिर काट दिया था। यह पहली बार है जब फ्रांस ने मानव अवशेष किसी देश को वापस लौटाए हैं।
इतिहास के अनुसार, राजा टोएरा का सिर काटने के बाद फ्रांस ने उसे एक ट्रॉफी की तरह पेरिस ले जाकर नेशनल हिस्ट्री म्यूजियम में संरक्षित किया था। अब, 126 साल बाद, फ्रांस ने एक नए कानून के तहत इन अवशेषों को उनके मूल देश मेडागास्कर को लौटा दिया है।
यह वापसी 2023 में फ्रांस की संसद द्वारा पारित एक नए कानून के कारण संभव हो पाई, जो मानव अवशेषों को उनके मूल देशों को लौटाने की अनुमति देता है। यह कानून औपनिवेशिक काल में की गई सांस्कृतिक और मानव लूट की नैतिक जिम्मेदारी की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
इन अवशेषों में से दो खोपड़ियां साकालावा जातीय समुदाय से जुड़ी मानी जाती हैं, जिन्हें अब सम्मानपूर्वक उनके समुदाय को सौंपा गया है। फ्रांस की यह पहल वैश्विक स्तर पर ऐतिहासिक अन्यायों की पुनर्समीक्षा के प्रयासों को बल दे रही है।
इस घटना के बाद, ऑस्ट्रेलिया और अर्जेंटीना समेत कई देशों ने भी फ्रांस से अपने पूर्वजों के अवशेषों की वापसी की मांग उठानी शुरू कर दी है।

