भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों में बड़ा झटका सामने आया है। अमेरिका ने रूस से सस्ते तेल की खरीद के चलते भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त आयात शुल्क (टैरिफ) लगा दिया है, जो 27 अगस्त से लागू हो गया। इससे पहले 7 अगस्त को अमेरिका ने पहले ही 25% टैरिफ लगाया था। अब कुल मिलाकर भारत पर 50 फीसदी का टैरिफ बोझ पड़ गया है। इसका असर भारत के विभिन्न राज्यों में स्थित निर्यात-आधारित उद्योगों पर पड़ने लगा है।
किन क्षेत्रों पर सबसे ज्यादा असर?
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रत्न और आभूषण
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कपड़ा और बुनकर उद्योग
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कृषि और मरीन उत्पाद
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चमड़ा व फुटवियर
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कालीन उद्योग
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हथकरघा
राज्यवार असर का विश्लेषण:
1. पंजाब:
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रेडीमेड गारमेंट्स, मशीन टूल्स, ऑटो पार्ट्स और कृषि उपकरण जैसे उद्योगों को बड़ा नुकसान।
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20,000 करोड़ रुपये से अधिक के निर्यात पर संकट।
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लुधियाना का टेक्सटाइल हब खासा प्रभावित।
2. उत्तर प्रदेश:
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कानपुर में चमड़ा और टेक्सटाइल इंडस्ट्री में काम घटाया गया।
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1,500 करोड़ के निर्यात ऑर्डर रोके गए।
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भदोही-मिर्जापुर के कालीन उद्योग में 30 लाख से अधिक श्रमिकों की नौकरियां खतरे में।
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6,000 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी वाले भदोही क्षेत्र पर सबसे ज्यादा असर।
3. हरियाणा:
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पानीपत के 10,000 करोड़ के टेक्सटाइल निर्यात पर संकट।
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2.7 लाख टन बासमती चावल के निर्यात में रुकावट।
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नट-बोल्ट उद्योग (रोहतक) में 70% अमेरिकी बाजार प्रभावित।
4. गुजरात:
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सूरत का डायमंड हब सुस्त पड़ा।
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1 लाख से ज्यादा श्रमिकों पर बेरोजगारी का खतरा।
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हस्तनिर्मित आभूषण निर्यात सबसे ज्यादा प्रभावित।
5. पश्चिम बंगाल:
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5,000 करोड़ से अधिक का समुद्री उत्पाद निर्यात खतरे में।
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कोलकाता के बंटाला लेदर हब में 5 लाख से ज्यादा रोजगार प्रभावित हो सकते हैं।
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538 चमड़ा कारखाने, 230 फुटवियर इकाइयां और 436 लेदर प्रोडक्ट यूनिट्स संकट में।
6. तमिलनाडु:
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तिरुपुर का कपड़ा क्लस्टर, अंबूर-रानीपेट का फुटवियर हब प्रभावित।
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अमेरिका के हाई टैरिफ से वियतनाम, बांग्लादेश को मिल रहा फायदा।
उद्योगवार नुकसान का अनुमान:
| सेक्टर | अमेरिका को निर्यात | नया टैरिफ | संभावित असर |
|---|---|---|---|
| रत्न और आभूषण | $10 अरब | 52.1% | सूरत, मुंबई, जयपुर में संकट |
| टेक्सटाइल | $10.3 अरब | 63% | तमिलनाडु, यूपी, पंजाब, हरियाणा प्रभावित |
| कृषि व मरीन | $5.6 अरब | 50% | सीफूड, मसाले, चावल – मांग में गिरावट |
| लेदर-फुटवियर | $1.18 अरब | 50% | यूपी, बंगाल, तमिलनाडु में उत्पादन घटा |
| कालीन | $1.2 अरब | 53% | यूपी, कश्मीर में भारी असर |
| हथकरघा | $1.6 अरब | 50% | राजस्थान, यूपी में उत्पादन ठप |
विश्लेषण और चिंता
अमेरिकी टैरिफ से भारतीय उत्पाद महंगे होकर प्रतिस्पर्धी बाजार से बाहर हो सकते हैं। वहीं वियतनाम, बांग्लादेश, पाकिस्तान, थाईलैंड और चीन जैसे देशों को फायदा मिल सकता है, जहां अमेरिका ने अपेक्षाकृत कम टैरिफ लगाया है।
भारत के लिए यह सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि रणनीतिक चुनौती भी है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को अमेरिका पर अपनी निर्भरता कम करते हुए नए निर्यात बाजारों की तलाश करनी होगी — जैसे यूरोप, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका।

