काठमांडू| नेपाल इन दिनों भीषण राजनीतिक और सामाजिक संकट से गुजर रहा है। देश के युवाओं (जेन-जी) द्वारा शुरू किया गया विरोध-प्रदर्शन अब भीषण हिंसा और आगजनी में तब्दील हो गया है। आक्रोशित भीड़ ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और कई मंत्रियों के आवासों को आग के हवाले कर दिया। इतना ही नहीं, प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन, सुप्रीम कोर्ट और अन्य सरकारी इमारतों को भी निशाना बनाया।
पूर्व प्रधानमंत्री का घर फूंका, पत्नी की मौत
मंगलवार को भीड़ ने नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री झलनाथ खनल के आवास में आग लगा दी। इस हादसे में उनकी पत्नी राज्यलक्ष्मी चित्रकार की जलकर मौत हो गई। यह घटना आंदोलन की भयावहता और भीड़ की उग्रता को दर्शाती है।
सेना ने संभाली कमान, देशभर में कर्फ्यू लागू
नेपाली सेना ने बुधवार को आपात कदम उठाते हुए देशभर में कर्फ्यू लागू करने का ऐलान किया है। यह कर्फ्यू गुरुवार सुबह तक लागू रहेगा, जिसे हालात की समीक्षा के बाद बढ़ाया भी जा सकता है।
सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया कि—
“कुछ असामाजिक तत्व आंदोलन की आड़ में निजी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचा रहे हैं, साथ ही शारीरिक उत्पीड़न की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। जनता की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया गया है।”
भारत ने जताई चिंता, उड़ानें रद्द
नेपाल में हालात बिगड़ते देख भारत सरकार ने गंभीर चिंता जताई है। एतिहातन, एअर इंडिया, इंडिगो और नेपाल एयरलाइंस ने दिल्ली-काठमांडू के बीच चलने वाली सभी उड़ानों को अस्थायी रूप से रद्द कर दिया है।
सैंकड़ों भारतीय नेपाल में फंसे
नेपाल में जारी हिंसा और उड़ान सेवाएं रद्द होने के कारण सैंकड़ों भारतीय पर्यटक वहां फंसे हुए हैं।
मुंबई के एक नागरिक मयूर पाटिल, जो 15 लोगों के समूह के साथ 8 सितंबर को नेपाल पहुंचे थे, ने बताया:
“हम भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन के लिए आए थे, लेकिन अब विरोध प्रदर्शन के चलते कहीं जा नहीं पा रहे हैं। हमने भारतीय दूतावास से संपर्क किया है। उन्होंने हमें फिलहाल सुरक्षित स्थान पर ही बने रहने की सलाह दी है।”
क्या है आंदोलन की जड़
इस व्यापक आंदोलन की पृष्ठभूमि में बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और राजनीतिक अस्थिरता को जिम्मेदार माना जा रहा है। जेन-जी कहे जाने वाले युवाओं का गुस्सा अब सत्ता और व्यवस्था के खिलाफ खुलकर सामने आ चुका है।
भारतीय नागरिकों के लिए सलाह:
भारत सरकार और दूतावास ने नेपाल में मौजूद सभी भारतीयों से अपील की है कि वे भीड़भाड़ से दूर रहें, अपने ठहरने के स्थान पर सुरक्षित रहें, और किसी भी आवश्यकता के लिए भारतीय दूतावास से संपर्क करें।

