Saturday, March 7, 2026
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उत्तराखंड ने आपदा से हुई क्षति के लिए केंद्र सरकार से 5702.15 करोड़ की विशेष सहायता मांगी

 

देहरादून — उत्तराखंड राज्य में इस वर्ष मानसून के दौरान आई प्राकृतिक आपदाओं से हुई व्यापक क्षति के मद्देनज़र राज्य सरकार ने भारत सरकार से 5702.15 करोड़ रुपए की विशेष वित्तीय सहायता की मांग की है। यह मांग आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग द्वारा भेजे गए विस्तृत ज्ञापन के माध्यम से की गई है।

सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने यह ज्ञापन भारत सरकार के गृह मंत्रालय के आपदा प्रबंधन प्रभाग के अपर सचिव को भेजा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 1 अप्रैल से 31 अगस्त, 2025 तक राज्य में भारी वर्षा, भूस्खलन और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण जन-धन और सार्वजनिक परिसंपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है।

सार्वजनिक परिसंपत्तियों को 1944.15 करोड़ रुपए की क्षति

राज्य सरकार के आकलन के अनुसार विभिन्न विभागों को निम्नानुसार नुकसान हुआ है:

लोक निर्माण विभाग एवं सार्वजनिक सड़कों को: ₹1163.84 करोड़

सिंचाई विभाग: ₹266.65 करोड़

ऊर्जा विभाग: ₹123.17 करोड़

स्वास्थ्य विभाग: ₹4.57 करोड़

विद्यालयी शिक्षा: ₹68.28 करोड़

उच्च शिक्षा: ₹9.04 करोड़

मत्स्य विभाग: ₹2.55 करोड़

ग्राम्य विकास विभाग: ₹65.50 करोड़

शहरी विकास: ₹4 करोड़

पशुपालन विभाग: ₹23.06 करोड़

अन्य विभागीय परिसंपत्तियाँ: ₹213.46 करोड़

भविष्य में संभावित नुकसान से बचाव हेतु 3758 करोड़ की मांग

सचिव सुमन ने बताया कि केवल क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण के लिए ही नहीं, बल्कि भविष्य में आपदाओं से बचाव और अवस्थापना संरचनाओं को स्थायित्व प्रदान करने हेतु ₹3758 करोड़ की अतिरिक्त सहायता की मांग की गई है। इससे सड़कों, भवनों, आबादी वाले क्षेत्रों और अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों को सुरक्षित किया जा सकेगा।

जनहानि और पशुहानि के भी भयावह आंकड़े

प्राकृतिक आपदा के कारण अब तक:

79 लोगों की मृत्यु

115 लोग घायल

90 लोग लापता हैं।

3953 छोटे और बड़े पशुओं की मृत्यु हुई है।

आवासीय क्षति

238 पक्के भवन पूर्ण रूप से ध्वस्त

2 कच्चे भवन पूर्ण रूप से ध्वस्त

2835 पक्के भवन गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त

402 कच्चे भवन गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।

इसके अलावा बड़ी संख्या में दुकानें, होटल, होमस्टे, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक संरचनाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं।

सरकार की अपील

राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि आपदा से हुई व्यापक क्षति को देखते हुए शीघ्र वित्तीय सहायता स्वीकृत की जाए ताकि प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण के कार्य समय रहते प्रारंभ किए जा सकें और भविष्य की आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम किया जा सके।

 

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