Sunday, March 8, 2026
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उत्तराखंड में बर्फबारी के बीच पोलिंग पार्टियों को देख लोग नतमस्तक

बागेश्वर : उत्तराखंड में इन दिनों भारी बर्फबारी हो रही है। इसी दौरान मतदान की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। सबसे पहले दिव्यांग व बुजुर्गों से घर-घर जाकर मतदान की व्यवस्था की गई है। पहाड़ के उच्च हिमालयी गांव पूरी तरह से बर्फबारी की चपेट में हैं। कई सड़कों पर कई फीट बर्फ जमी हैं। इनके बीच से ही पोलिंग पार्टियां वोटिंग करवा रही हैं। उनकी जीवटता देखकर ग्रामीण नतमस्तक हो रहे। उनके कर्तव्यनिष्ठा को सराह रहे। 

हिमपात से कपकोट से लेकर बागेश्वर विकास खंड के गांव और चोटियां लकदक हो गई हैं। फिर भी आसमान में बादल छाए हुए हैं। गांवों के रास्तों से अभी बर्फ नहीं हट सकी है। शहर से लेकर गांव तक विद्युत आपूर्ति भी पटरी से उतर गई है। पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। ठंड के कारण लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं।

जिले में बारिश तो थम गई, लेकिन हिमपात के बाद दिक्कतें बरकरार हैं। शनिवार को सुबह पांच बजे तक रिमझिम बारिश रही। दस बजे बाद धूप खिली और फिर आसमान को बादलों ने घेर लिया। जिसके कारण पारा पांच डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। हिमालयी गांवों में माइनस शून्य तक तापमान पहुंच रहा हे। जिससे समूचे जिले में कड़ाके की ठंड पड़ रही है।

तहसील कपकोट के बदियाकोट, किलपारा, बोराचक झाारकोट, सोराग, तीख डौला, वाछम, खाती, धूर, विनायक, कर्मी, शामा, लीती, सूपी, झूनी, किमू, भनार, लोहारखेत, पेठी, गोगिना आदि गांव बर्फ से लकदक हो गए हैं। यहां पैदल चलने वाले रास्ते भी बर्फ से ढके हुए हैं। खाती गांव निवासी यामू सिंह ने बताया कि पानी नलों में जम गया है। वह बर्फ का पानी उबाल कर पी रहे हैं। मवेशियों के लिए चारे का संकट बना हुआ है। बुग्यालों की तरफ भेड़, बकरियां चराने गए ग्रामीण भी नीचे की तरफ लौट आए हैं।

इसी बीच पोलिंग पार्टियां गांव में पहुंचकर वोटिंग करवा रही हैं। खराब मौसम में घरों से निकला नहीं जा रहा। इस भयंकर बर्फबारी में ड्यूटी करने के जज्बे को लोग सलाम कर रहे हैं।

नगर में पेयजल की किल्लत

बारिश के कारण अमसरकोट पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो गई है। जिसके कारण नदीगांव, मजियाखेत, आमखेत, सैज, तहसील क्षेत्र आदि स्थानों पर पेयजल संकट बना हुआ है। लोग हैंडपंप और प्राकृतिक स्रोतों से जलापूर्ति करने को मजबूर हैं।

बिजली भी गुल

शहर क्षेत्र में तीन ट्रांसफार्मर खराब होने से बिजली की आपूर्ति सुबह से बाधित रही। जिससे बिजली संचालित यंत्र शोपीस बन गए हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों का हाल भी बुरा है। वहां भी बिजली नहीं होने से लोग जरूरी काम नहीं कर पा रहे हैं। ऊर्जा निगम के विरुद्ध लोगों में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि पिडकुल की स्थापना होने के बाद शहर में 24 घंटे बिजली देने के दावे हवा-हवाई हो गए हैं। इधर, ईई विनय कांडपाल ने कहा कि फाल्ट को दुरुस्त किया जा रहा है।

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