Sunday, March 8, 2026
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चंपावत जिले में समितियों के माध्यम से होगी मडुवा, सोयाबीन, झंगोरा की खरीद

चम्पावत: उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ लिमिटेड ओर से सहकारी समितियों के माध्यम से जनपद चम्पावत के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के कृषकों से मडुवा, झंगोरा व अन्य उत्पादों की खरीद की जाएगी। इससे काश्तकारों के सामने उत्पादों के विपणन की समस्या का समाधान होगा।

कृषकों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्रदान कराए जाने के लिए जनपद चम्पावत की पांच बहुउद्देश्यीय प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों यथा कोट अमोड़ी, खतेड़ा, रौलमेल, चम्पावत एवं बाराकोट में यूसीएफ द्वारा एम. पैक्सो के माध्यम से क्रय केंद्र खोले जाने की कार्रवाई कर ली गई है। जिलाधिकारी विनीत तोमर ने बताया कि उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ लिमिटेड, देहरादून द्वारा निर्गत आंतरिक मल्टीग्रेन खरीद नीति वर्ष 2021-22 के तहत प्रति किलोग्राम क्रय मूल्य निर्धारित कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि मडुवा 25 रुपया, झंगोरा 25 रुपया, सोयाबीन 40 रुपया एवं चौलाई 50 रुपया किलो के आधार पर स्थानीय कृषकों से खरीदा जाएगा। इससे काश्तकारों को जहां उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा वहीं बिचौलियों से भी मुक्ति मिलेगी। जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त कृषकों से अनुरोध किया है कि वे सहकारी समितियों में खुले क्रय केंद्रों पर अपने उत्पाद का उचित दामों पर विक्रय कर लाभ प्राप्त करें।

चंपावत में मडुवा, चौलाई, झंगोरा और सोयाबीन का अच्‍छा उत्‍पादन

चंपावत जिले में मडुवा, चौलाई, झंगोरा और सोयाबीन काफी अधिक मात्रा में पैदा किया जाता है, लेकिन उत्पादकों को उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता। क्रय केंद्र खुलने के बाद किसानों की इस समस्या का समाधान हो गया है। जिले में मडु़वा और सोयाबीन की खेती बड़े पैमाने पर होती है। विशुद्ध रूप से जैविक उत्पाद होने के कारण इनकी मांग काफी अधिक रहती है। खासकर पहाड़ के मडुवे का आटा दिल्ली तक पहुंचता है। जिले में इस बार 5030 हेक्टेयर में मडुवे की खेती की गई। मौसम की मार के कारण इस बार सोयाबीन का उत्पादन प्रभावित हुआ है।

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