देहरादून: उत्तराखंड के उपभोक्ताओं को इस त्योहारी सीजन में सस्ते दामों पर वस्तुएं और सेवाएं खरीदने का अवसर मिलने जा रहा है। 22 सितंबर से राज्य में जीएसटी की संशोधित दरें लागू हो रही हैं, जिससे अधिकांश वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में गिरावट आएगी। इसका सीधा लाभ आम जनता, विशेष रूप से निम्न और मध्यम आय वर्ग को मिलेगा।
वित्त विभाग ने जारी की अधिसूचना
राज्य सरकार के वित्त विभाग ने केंद्र सरकार की 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के क्रम में जीएसटी की नई दरों की राज्य स्तरीय अधिसूचना भी जारी कर दी है। अब वस्तुएं और सेवाएं केवल दो स्लैब में टैक्स की दायरे में होंगी — 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत।
सचिव वित्त दिलीप जावलकर ने बताया कि दरों में बदलाव से बाजार में वस्तुओं की कीमत घटेगी, जिससे उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति बढ़ेगी, मांग में इज़ाफा होगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे आमजन और व्यापारी दोनों लाभान्वित होंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा: “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने जीएसटी की दरों में कमी कर दी है। इसी क्रम में राज्य में भी 22 सितंबर से जीएसटी की नई दरों को लागू किया जा रहा है। इससे उपभोक्ताओं को लाभ मिलने के साथ ही राज्य की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।”
ये वस्तुएं होंगी अब पूरी तरह करमुक्त (0% GST)
- मैप, चार्ट, ग्लोब
- पेंसिल, इरेज़र, शार्पनर, क्रेयॉन्स, पेटल्स
- सभी निजी जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियाँ
- पनीर, पिज्जा, ब्रेड, रोटी, परांठा
इन पर लगेगा सिर्फ़ 5% GST
- बटर, घी, चीज
- ट्रैक्टर, ट्रैक्टर टायर और ट्यूब
- प्री-पैकेज्ड नमकीन/भुजिया
- बर्तन, सिलाई मशीन
- फीडिंग बॉटल और नैपकिन
- मेडिकल ऑक्सीजन, ग्लूकोमीटर, थर्मामीटर
- चश्मा (नजर वाला), शैम्पू, टैल्कम पाउडर, हेयर ऑयल
- टूथपेस्ट, टूथब्रश
- ड्राय फ्रूट, जैम, फ्रूट जैली
- पैक्ड ड्रिंकिंग वॉटर, सूप, कॉर्नफ्लेक्स
- पेस्ट्री, केक, बिस्किट, आइसक्रीम, चॉकलेट
- 7500 रुपये तक के होटल के कमरे
इन पर लगेगा 18% GST
- टीवी, एसी, मॉनिटर, प्रोजेक्टर
- थ्री व्हीलर वाहन
- पेट्रोल और डीज़ल हाइब्रिड कारें (1200cc–4000mm/1500cc–4000mm तक)
- मोटरसाइकिल (350cc तक)
- माल परिवहन में प्रयोग होने वाले वाहन
- डिशवॉशिंग मशीन
- सीमेंट
उपभोक्ताओं और व्यापारियों को दोहरा लाभ
इन नई दरों से न केवल उपभोक्ताओं को सस्ती कीमतों पर वस्तुएं मिलेंगी, बल्कि इससे स्थानीय बाजारों में खरीदारी को बढ़ावा मिलेगा और राज्य की आर्थिक गतिविधियाँ तेज होंगी।

