हल्द्वानी। भारतीय सेना के एक साहसिक अभियान ने विश्व स्तर पर नया इतिहास रच दिया है। वर्ष 2025 के मई माह में भारतीय सेना एडवेंचर विंग के 49 सदस्यीय दल ने विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है।
इस अभियान का नेतृत्व हल्द्वानी के नैनी विहार निवासी लेफ्टिनेंट कर्नल मनोज जोशी ने किया। उन्होंने बताया कि यह दल अब तक एवरेस्ट शिखर पर पहुंचने वाला विश्व का सबसे बड़ा अभियान दल है। यह उपलब्धि भारतीय सेना की गौरवशाली परंपरा, अदम्य साहस और उत्कृष्ट टीम भावना का प्रतीक है।
अभियान में भारतीय सेना के 22 पर्वतारोही और नेपाल के 27 शेरपा शामिल थे। यह मिशन भारतीय सेना के सिल्वर जुबली एवरेस्ट अभियान के तहत संचालित किया गया। दल अप्रैल 2025 के मध्य में भारत से रवाना हुआ और 23 अप्रैल को एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचा।
इसके बाद पर्वतारोहियों ने कैंप-1 से कैंप-4 तक कठिन मौसम, अत्यधिक ठंड और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच अनुकूलन की प्रक्रिया पूरी की। तमाम चुनौतियों का सामना करते हुए 27 मई की सुबह दल ने सफलतापूर्वक एवरेस्ट शिखर पर पहुंचकर तिरंगा फहराया।
यह गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भारतीय सेना की साहसिक क्षमता, अनुशासन, समर्पण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस उपलब्धि से न केवल उत्तराखंड और भारतीय सेना बल्कि पूरे देश में गर्व और खुशी की लहर है।

