Sunday, March 8, 2026
Homeखास खबरट्रंप के झूठ पर संसद में संग्राम, पीएम से जवाब की मांग...

ट्रंप के झूठ पर संसद में संग्राम, पीएम से जवाब की मांग पर अड़ा विपक्ष

दिल्ली। अमेरिक के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कश्मीर पर मध्यस्थता को लेकर आए बयान पर विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरने में जुट गया है। विपक्षी पार्टियां इस मामले पर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद में स्पष्टीकरण देने की मांग कर रहे हैं। साथ ही, कांग्रेस ने लोकसभा में काम रोको प्रस्ताव भी पेश कर दिया। यूपीए संयोजक और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने भी इस मामले में पीएम के बयान की मांग की।

विपक्ष ने किया वॉकआउट
ट्रंप के बयान पर विपक्ष प्रधानमंत्री मोदी से जवाब चाहता है। ऐसा न होने पर उसने सदन से वॉकआउट कर दिया है।

हंगामे के बीच विदेश मंत्री ने दी सफाई
लोकसभा में ट्रंप के मुद्दे को लेकर जारी विपक्ष के भारी हंगामे पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सफाई दी। भारी शोर के कारण उनके बयान को सुनने में दिक्कत हुई। शाह की अपील के बाद सदन में थोड़ी शांति हुई जिसके बाद विदेश मंत्री ने अपने बयान को दोबारा दोहराया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अमेरिका के राष्ट्रपति से इस तरह की कोई अपील नहीं की है। कश्मीर मसले पर पाकिस्तान से सिर्फ द्विपक्षीय वार्ता हो सकती है और वह भी सीमा पार से होने वाली आतंकी गतिविधियों पर रोक लगने के बाद संभव है।

सदन में प्रधानमंत्री दें बयान
लोकसभा में कांग्रेस सासंद मनीष तिवारी ने ट्रंप के बयान वाले मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री इसे लेकर सदन में जवाब दें। उन्हें बताना चाहिए कि उन्होंने कश्मीर मसले को लेकर ट्रंप से बातचीत की थी या नहीं। ट्रंप ने प्रधानमंत्री का नाम लिया है इसी कारण उन्हें सदन में आकर जवाब देना चाहिए। टीएमसी सांसद सौगत राय ने कहा कि कश्मीर हमारा अभिन्न हिस्सा हैं और ट्रंप को मध्यस्थता करने के लिए कहना हमारी संप्रभुता पर चोट है। विदेश मंत्री को नहीं बल्कि प्रधानमंत्री को इसपर जवाब देना चाहिए।

प्रधानमंत्री से जवाब की मांग पर अड़ा विपक्ष
12 बजे संसद की कार्यवाही शुरू हुई लेकिन विपक्षी सांसद लगातार प्रधानमंत्री मोदी से कश्मीर मुद्दे पर जवाब मांगने को लेकर नारेबाजी करते रहे। मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि विदेश मंत्री इसपर जवाब दे चुके हैं। विरोध करने वालों को देश की जनता और प्रधानमंत्री पर विश्वास नहीं है। विपक्षी सांसद प्रधानमंत्री से जवाब की मांग को लेकर अडिग रहे और लगातार उच्च सदन में हंगामा करते रहे। जिसके बाद कार्यवाही को दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।

मोदी ने नहीं की मध्यस्थता की अपील
कार्यवाही शुरू होते ही राज्यसभा में कांग्रेस सांसद आनंद शर्मा ने कहा कि कश्मीर का मुद्दा काफी संवेदनशील है। भारत इसपर किसी भी तीसरी पार्टी की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं करेगा। विपक्ष के हंगामे के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मसले पर जवाब देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मध्यस्थता की कोई अपील नहीं की है। भारत का रुख हमेशा से साफ रहा है कि वह कश्मीर मुद्दे पर सिर्फ द्विपक्षीय बातचीत कर सकता है और जिसमें किसी तीसरे मुल्क का दखल नहीं हो सकता। कश्मीर मसले पर हम शिमला और लाहौर समझौते के तहत ही आगे बढ़ेंगे। पाकिस्तान के साथ आतंकवाद के खात्मे के बाद ही बातचीत मुमकिन है।

विदेश मंत्री के बयान के बाद भी विपक्षी सांसद लगातार हंगामा कर रहे थे जिसके कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।

स्पष्ट है हमारी विदेश नीति
कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद ने कहा, ‘इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि केंद्र में किसकी सरकार है। हमारी विदेश नीति स्पष्ट है कि कश्मीर द्वीपक्षीय मुद्दा है और कोई भी तीसरा पक्ष इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकता। राष्ट्रपति ट्रंप इस बात को जानते हैं। मुझे नहीं लगता कि राष्ट्रपति ट्रंप को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को यह बताना चाहिए था कि भारत के प्रधानमंत्री ने अमेरिका को मध्यस्थता करने के लिए कहा है।’

सरकार ने अमेरिका के सामने झुकाया सिर
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों ने लोकसभा में डोनाल्ड ट्रंप के बयान को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष ने कश्मीर मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चैधरी ने कहा कि सरकार ने अमेरिका के सामने सिर झुका दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री से सदन में इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की।,

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
video
play-sharp-fill

Most Popular

Recent Comments