Saturday, March 7, 2026
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आश्रम के बंद दरवाजों के भीतर गुप्तज्ञान बांटता था बाबा ; धर्म को इन कलंकियों से बचाओ

नई दिल्ली : दिल्ली के विजय विहार स्थित आध्यात्मिक विश्वविद्यालय में आज तीसरे दिन की छापेमारी के बाद महिला आयोग और पुलिस टीम ने बंधक बनाकर रखी गईं 41 नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पाखंडी बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के आश्रम पर तीसरे दिन भी जांच जारी है। आश्रम में अभी भी एक सौ से अधिक लड़कियां तथा महिलाएं हैं जिन्होंने बाहर आने से इन्कार कर दिया है।

आश्रम का संचालक अभी भी फरार है। वीरेंद्र देव के फरुखाबाद आश्रम में रह चुकी एक पीडि़ता ने बताया कि, ” मैं फरुखाबाद के आश्रम में रहती थी और मुझे बताया गया था कि वहां भगवान रहते हैं। मैंने कुछ लोगों से सुना कि बाबा रात 12 बजे के बाद गुप्त आश्रम में लड़कियों से गलत हरकत करता था। एक दिन पीडि़ता बाबा के कमरे के पास पहुंची तो वह निक्कर पहने लेटा हुआ था। उसने मुझे देखा और कहा आओ तुम्हें गुप्त प्रसाद देता हूं और मेरे कपड़े खींचने लगा।”एक अन्य पीडि़ता ने कहा कि, “बाबा छोटी लड़कियों को गुप्त प्रसाद देना पसंद करता था. वह सेविकाओं को बच्चियों को लाने के लिए बोलता था. यदि कोई उम्र दराज महिला उसके पास जाती थी तो उन्हें वह डांटकर भगा देता था।”

सूत्रों का कहना है कि पुलिस तथा दिल्ली महिला आयोग की टीम कल सुबह फिर आश्रम पर छापेमारी करने पहुंची। इस दौरान आश्रम के लोगों से कमरे की चाबियां मांगी गयीं लेकिन उन्होंने मना कर दिया। आखिर पुलिस टीम ने एक-एक कर करीब 14 दरवाजों के ताले तोड़े और पुलिस ने यहां से 41 नाबालिग लड़कियों को बाहर निकाला। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि आश्रम में जो भी महिलाएं हैं, सभी को यहां से निकालकर नारी निकेतन में रखा जाना चाहिए। सभी की काउंसिलिंग करवाई जाए, तभी सच्चाई सामने आएगी। पुलिस को आशंका है कि आश्रम के लोगों ने कई लड़कियों को यहां से हटा दिया है। उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय के आदेश के बाद मंगलवार को एक विशेष दल ने आध्यात्मिक विश्वविद्यालय में छापेमारी की थी। इस दल में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल भी शामिल थीं।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि आश्रम में महिलाओं का शारीरिक तथा मानसिक शोषण होता था। कमरे से कई प्रतिबंधित दवाइयां और आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद की गयीं। विश्वविद्यालय के अनुयायियों का कहना है कि बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के शरण में आने वालों को अध्यात्म का ज्ञान दिया जाता था।  गौरतलब है कि विजय विहार इलाके में आश्रम पिछले करीब तीन दशक से चल रहा है। यहां रहने वाले स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस आश्रम के सभी दरवाजे हमेशा बंद ही रहते हैं।

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