Monday, March 9, 2026
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भूस्‍खलन के कारण कुमाऊं यूनिवर्सिटी के केपी हॉस्टल पर मंडराया खतरा, आंगन ढहा, पिलर्स भी जद में आए

नैनीताल : नैनताल में बीते 24 घंटे से हो रही भारी बारिश से भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आने लगी है। भारी बारिश के चलते शहर की ठंडी रोड क्षेत्र में एक बार फिर भूस्खलन हुआ। जिसमें डीएसबी परिसर के केपी हॉस्टल का आंगन ढह गया। भारी मात्रा में मलबा ठंडी सड़क के साथ ही झील में समा गया। भूस्खलन से हॉस्टल के पिलर साफ दिखने लगे है। जिससे हॉस्टल गिरने की संभावना भी बनी हुई है।

बता दें कि बीते 24 जुलाई को ठंडी रोड क्षेत्र में पाषाण देवी मंदिर के समीप की पहाड़ी पर आंशिक भूस्खलन हुआ था। इस दौरान पत्थर और मलबा सड़क पर आ गए थे। पालिका द्वारा सड़क से पत्थरों को हटाकर लोगों का आवागमन सुचारू कर दिया गया। मगर संबंधित विभाग द्वारा समय रहते पहाड़ी की रोकथाम को लेकर कोई कवायद नहीं की गई। फिर 31 अगस्त को पहाड़ी पर भारी भूस्खलन हुआ। जिसमें भारी मात्रा में मलबा और पेड़ ठंडी सड़क और झील में समा गए। मलबा आने से ठंडी सड़क पर लोगों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई, तो पहाड़ी के ठीक ऊपर स्थित डीएसबी के केपी हॉस्टल पर भी खतरा मंडरा गया।

गंभीरता को देखते हुए डीएम धीराज गर्ब्याल ने मौका मुआयना कर लोनिवि को तत्काल पहाड़ी की रोकथाम को लेकर कार्य करने के निर्देश दिए। मगर बारिश के चलते एक सप्ताह तक ट्रीटमेंट कार्य शुरू नहीं हो पाया। सितंबर में लोनिवि ने पहाड़ी की रोकथाम को लेकर अस्थाई उपचार शुरू किया। जिसमें लोहे के एंगल भूमिगत कर जियो बैग में कंक्रीट भर दीवार बनाई जा रही थी। जिसके बावजूद पहाड़ी पर लगातार भूस्खलन होता रहा।

इधर रविवार सुबह से ही शहर में बारिश का क्रम जारी है। रात को हुई भारी बारिश के बाद हॉस्टल का आंगन अस्थाई कार्य को क्षतिग्रस्तग करते हुए ढह गया। जिसके बाद हॉस्टल के पिलर भी दिखने लगे हैं। हालांकि खतरे को देखते हुए पूर्व में ही हॉस्टल से छात्राओं को अन्यत्र स्थानांतरित कर दिया गया है। तल्लीताल पुलिस ने सूचना मिलने के बाद ठंडी सड़क और हॉस्टल की ओर लोगों की आवाजाही रोक दी है।

 

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