Sunday, March 8, 2026
Homeराज्यउत्तराखण्डएग्रीकल्चर संकाय का नाम बदलने को हरी झंडी, कुमाऊं विवि की बैठक...

एग्रीकल्चर संकाय का नाम बदलने को हरी झंडी, कुमाऊं विवि की बैठक में अनुमोदन

नैनीताल : कुमाऊं विवि कार्य परिषद की बैठक में कृषि एवं वन विज्ञान फेकल्टी का नाम फेकल्टी ऑफ एग्रीकल्चर एंड एग्रो फॉरेस्ट्री किए जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। बैठक में कार्य परिषद के निर्वाचित सदस्यों ने हाल ही में असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर व प्रोफेसर पदों की नियुक्तियों के लिए बनाई गई रोस्टर कमेटी को लेकर आपत्ति दर्ज की। आरोप लगाया कमेटी में ऐसे लोग भी शामिल किए हैं, जिनके सगे संबंधी आवेदक हैं। कार्य परिषद ने 17 प्राध्यापकों को वरिष्ठता का लाभ देने की उपसमिति की रिपोर्ट का अनुमोदन कर दिया, साथ ही तय हुआ कि वित्तीय लाभ के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। 

विवि प्रशासनिक भवन में कुलपति प्रो एनके जोशी की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न सूचीबद्ध प्रस्तावों पर चर्चा हुई। बैठक में राजकीय व निजी संस्थानों में संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों के शैक्षणिक सत्र 2019-20 एवं 2020-21 के लिए संबद्धता विस्तार के लिए पत्रों का परिषद ने अनुमोदन किया। कार्य परिषद के सदस्य अरविंद पडियार, प्रकाश पांडे, केवल सती व कैलाश जोशी ने एक स्वर से विवि में सालों से कार्यरत दो दर्जन संविदा प्राध्यापकों के पदों को फ्रीज करने के बजाय विज्ञप्ति जारी करने पर आपत्ति जताई। सदस्य अरविंद ने कहा कि 2018 में कार्य परिषद ने इन पदों को फ्रीज करने का प्रस्ताव पारित किया था, ताकि इन प्राध्यापकों को विनियमितीकरण का लाभ मिल सके।

नियुक्तियों के लिए शासन की ओर से नियुक्त नोडल अधिकारी को हटाकर नया नोडल अधिकारी नियुक्त करने पर हैरानी जताई। कहा कि बिना शासन की अनुमति के लिए यह कर दिया गया और सदस्यों को इसकी सूचना तक नहीं दी गई। डीएसबी परिसर नैनीताल व भीमताल परिसर में विभागाध्यक्षों एवं संकायाध्यक्ष विज्ञान संकाय का कार्यकाल समाप्त होने के बाद की गई नवीन नियुक्तियों, समाजशास्त्र विभाग के अंतर्गत सृजित क्रिमिनोलॉजी पाठ्यक्रम, डिपार्टमेंट ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन विभाग में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन साइबर सिक्योरिटी, इन्फार्मेशन सिस्ट सिक्योरिटी पाठ्यक्रम तथा डिपार्टमेंट ऑफ फॉरेंसिंक साइंस के अंतर्गत पदों के विज्ञप्ति का अनुमोदन किया गया। चारों निर्वाचित सदस्यों ने पिछली वचुर्अल बैठक में शामिल नहीं होने व कार्यवृत्त नहीं मिलने के कारण उस बैठक के प्रस्तावों के अनुमोदन करने से मना कर दिया। 

बैठक में कुलसचिव दिनेश चंद्रा, वित्त अधिकारी अनीता आर्या, कार्य परिषद सदस्य प्रो डीडी चौनियाल, डा.प्रभाशंकर शुक्ला, अरविंद पडियार, प्रकाश पांडे, केवल सती, कैलाश जोशी, प्रो.आरके पांडे, प्रो.पीसी कविदयाल, डा.अर्चना नेगी साह, डा.शशि पुरोहित, डा.कमल किशोर पांडे, डा.नवीन भगत, डा.नूतन श्रीवास्तव, डा.अशोक कुमार आदि मौजूद थे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
video
play-sharp-fill

Most Popular

Recent Comments