Saturday, March 7, 2026
Homeनैनीतालसैन्य सम्मान के साथ हुई कुपवाड़ा में शहीद यमुना प्रसाद की अंत्येष्टि

सैन्य सम्मान के साथ हुई कुपवाड़ा में शहीद यमुना प्रसाद की अंत्येष्टि

हल्द्वानी। कुपवाड़ा में शहीद उत्तराखंड के हल्द्वानी निवासी सूबेदार यमुना प्रसाद पनेरू का आज रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान शहीद यमुना अमर रहे के नारों से पूरा गांव गूंज उठा। परिवार के लोगों के साथ ही पूरे गांव ने नम आंखों से शहीद को अंतिम विदाई दी। 

शहीद की अंत्येष्टि में काबीना मंत्री यशपाल आर्य, ,विधायक रामसिंह कैड़ा, डीएम सविन बंसल, एसएसपी सुनील कुमार मीणा, एसडीएम विवेक रॉय, स्टेशन कमांडर कर्नल अमित मोहन, सहित सेना के कई अधिकारी मौजूद थे। इससे पहले शहीद के घर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत, शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे, विधायक नवीन दुमका ने घर पहुंच कर पुष्प चक्र चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी।

शहीद यमुना प्रसाद का शव शनिवार शाम को हेलीकॉप्टर से हल्द्वानी आर्मी स्टेशन पहुंचा था। आर्मी ग्राउंड पर सेना के जवानों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी।  इसके बाद शव को उनके घर सड़क मार्ग से पहुंचाया गया। 


बता दें कि सूबेदार यमुना बृहस्पतिवार सुबह जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में पेट्रोलिंग के दौरान शहीद हो गए थे। वे कुपवाड़ा के गुरेज सेक्टर में तैनात थे। मूलरूप से ओखलकांडा ब्लॉक के पदमपुर मीडार गांव निवासी यमुना प्रसाद पनेरू (39) पुत्र स्व. दयाकिशन पनेरु फरवरी 2002 में रानीखेत में कुमाऊं रेजिमेंट की छह कुमाऊं में भर्ती हुए थे।

उन्होंने प्राइमरी शिक्षा मीडार से ली। इसके बाद 12वीं पास हरिद्वार से और एमएससी देहरादून से किया। सेना में भर्ती होने के बाद यमुना प्रसाद सेना के पर्वतारोही दल में शामिल हुए और 2012 में उन्होंने एवरेस्ट फतह किया।

वे एवरेस्ट फतह करने वाले 06 कुमाऊं के पहले फौजी बने। बताया गया कि वर्ष 2013-14 में वह सेना की ओर से भूटान भी गए थे। वहां से लौटने के बाद उन्होंने जेसीओ का कमीशन निकालने के साथ हवलदार से सूबेदार के पद पर नियुक्ति पाई।

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