नैनीताल हाई कोर्ट में मंगलवार को प्रदेश के एलटी शिक्षकों और प्रवक्ताओं की पदोन्नति व वरिष्ठता विवाद से जुड़ी सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद खंडपीठ ने मामले की अगली तारीख 4 दिसंबर निर्धारित कर दी।
सुनवाई के दौरान क्या हुआ
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में सुनवाई हुई। सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि शिक्षकों की वरिष्ठता सूची जारी कर दी गई है। दूसरी ओर, याचिकाकर्ताओं की तरफ से कहा गया कि— जिनका चयन 2005 में सीधी भर्ती से हुआ था, उन्हें वरिष्ठता में पहले रखा जाए। जबकि पदोन्नति से आए शिक्षकों का तर्क था कि सबसे पहले उन्हें वरिष्ठता दी जानी चाहिए।
क्यों अटका है मामला
प्रदेश में एलटी शिक्षक और प्रवक्ताओं की पदोन्नति के मुद्दे कई वर्षों से लंबित हैं। शिक्षक लगातार वरिष्ठता सूची और पदोन्नति की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रक्रिया पूरी न होने से हजारों शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं।
याचिकाकर्ताओं की प्रमुख मांगें
याचिकाकर्ता शिक्षकों ने कोर्ट से निवेदन किया है कि— प्रधानाचार्य पद की सीधी भर्ती को निरस्त किया जाए। प्रधानाचार्य के पद पदोन्नति के आधार पर भरे जाएँ। वे वर्षों से सेवा दे रहे हैं, पर सरकार ने उन्हें पदोन्नति का लाभ नहीं दिया, जबकि कई शिक्षक सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं। अब सभी की नजरें 4 दिसंबर की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां कोर्ट इस लंबे समय से लंबित मुद्दे पर आगे की दिशा तय कर सकता है।

