रामनगर। मानसून के चलते करीब साढ़े तीन महीने तक बंद रहने के बाद कॉर्बेट नेशनल पार्क का बिजरानी पर्यटन जोन और रामनगर वन प्रभाग का सीतावनी पर्यटन जोन गुरुवार से पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। दोनों जोन में डे सफारी शुरू होने से पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय कारोबारियों में भी उत्साह है।
विधायक दीवान सिंह बिष्ट ने किया शुभारंभ
बिजरानी पर्यटन जोन का शुभारंभ सुबह छह बजे आमडंडा स्थित बिजरानी गेट पर विधायक दीवान सिंह बिष्ट ने किया। उन्होंने हरी झंडी दिखाकर पर्यटकों को सफारी के लिए रवाना किया। इस दौरान पर्यटकों का मुंह मीठा भी कराया गया। वहीं, रामनगर वन प्रभाग का सीतावनी पर्यटन जोन भी पर्यटकों की डे सफारी के लिए खोल दिया गया है।
गौरतलब है कि मानसून के चलते 30 जून से दोनों पर्यटन जोन बंद थे। हालांकि, कॉर्बेट के ढेला, झिरना और गिरिजा पर्यटन जोन पर्यटकों के लिए सालभर खुले रहते हैं।
भंडारपानी और कालाढूंगी जोन के लिए करना होगा इंतजार
रामनगर वन प्रभाग के भंडारपानी और कालाढूंगी पर्यटन जोन में सफारी शुरू होने के लिए पर्यटकों को अभी कुछ दिन और इंतजार करना होगा। बारिश के कारण भंडारपानी की कच्ची सड़क पर कीचड़ जमा है। वहीं, कालाढूंगी पर्यटन जोन में दाबका नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण फिलहाल सफारी बंद रखी गई है।
पहले इन दोनों जोन को भी सीतावनी के साथ 15 अक्टूबर से खोल दिया जाता था, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों के चलते यहां सफारी शुरू नहीं हो सकी है।
पर्यटन कारोबारियों को आजीविका की उम्मीद
बिजरानी और सीतावनी जोन खुलने से जिप्सी चालक, वाहन मालिक, गाइड, होटल-रिसॉर्ट संचालक और स्थानीय दुकानदारों को पर्यटन कारोबार में तेजी आने की उम्मीद है। सफारी शुरू होने से स्थानीय लोगों की आजीविका को भी सहारा मिलेगा।
इससे पहले एक अक्टूबर से तराई पश्चिमी वन प्रभाग के फाटो और हाथीडगर पर्यटन जोन में भी पर्यटन सत्र शुरू हो चुका है।
इस अवसर पर पार्क वार्डन बिंदर पाल, रेंजर नवीन पांडे और इको टूरिज्म प्रभारी ललित आर्या सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

.jpeg)
.jpeg)

