नैनीताल। नैनीताल में मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त हुई लोअर मालरोड के सुधारीकरण का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। सोमवार से लोअर मालरोड को पैदल राहगीरों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा। वहीं, वाहनों का ट्रायल सफल रहने पर एक सप्ताह के भीतर सड़क पर यातायात भी शुरू होने की उम्मीद है।
4.80 करोड़ रुपये की लागत से हुआ ट्रीटमेंट
बता दें कि वर्ष 2018 में लोअर मालरोड का करीब 25 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद से यह हिस्सा अस्थायी रोकथाम कार्यों के सहारे चल रहा था। विभाग की ओर से भेजे गए 3.48 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को वर्ष 2024 में स्वीकृति मिल गई थी, लेकिन ठेकेदार नहीं मिलने के कारण काम शुरू नहीं हो पाया।
इसी बीच पिछले वर्ष सितंबर में पहले से क्षतिग्रस्त हिस्से के ठीक बगल में सड़क पर दोबारा धंसाव हो गया। इससे सड़क पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। इसके बाद पहले और पिछले वर्ष क्षतिग्रस्त हुए करीब 70 मीटर हिस्से की रोकथाम के लिए 4.80 करोड़ रुपये की लागत से काम शुरू किया गया।
ट्रीटमेंट प्लान में बदलाव से हुई देरी
अक्टूबर में शुरू हुए रोकथाम कार्य को मई 2026 तक पूरा किया जाना था, लेकिन ट्रीटमेंट प्लान में बदलाव और निर्माण सामग्री पहुंचने में देरी के चलते काम निर्धारित समय पर पूरा नहीं हो सका।
आखिरकार 14 महीने के इंतजार के बाद लोक निर्माण विभाग ने माइक्रो पाइलिंग और एसडीआरए ट्रीटमेंट के बाद स्लैब डालने का काम पूरा कर लिया है। फिलहाल विभाग अस्थायी रैंप हटाने में जुटा हुआ है।
पहले पैदल आवाजाही, फिर वाहनों का ट्रायल
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता रत्नेश कुमार सक्सेना ने बताया कि अस्थायी रैंप हटाने के बाद सोमवार से लोअर मालरोड को पैदल आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा। इसके बाद वाहनों का ट्रायल कराया जाएगा। ट्रायल सफल रहने पर जल्द ही वाहनों की आवाजाही भी शुरू कर दी जाएगी।
इससे लंबे समय से बंद लोअर मालरोड पर यातायात बहाल होने की उम्मीद जगी है और स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी राहत मिलेगी।

.jpeg)
.jpeg)

