नैनीताल। वन विभाग के डिवीजन कार्यालय भवन में देर रात आग लगने से हड़कंप मच गया। प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि बीते शाम शहर में मूसलधार बारिश और तेज आंधी-तूफान के चलते बिजली गुल हो गई थी। आशंका है कि बिजली आपूर्ति बहाल होने के बाद कार्यालय में कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शॉर्ट सर्किट की चपेट में आ गया, जिससे आग भड़क उठी।
घंटों सुलगते रहे सरकारी दस्तावेज, नहीं लगी किसी को भनक
वन विभाग का डिवीजन कार्यालय आबादी वाले क्षेत्र से कुछ दूरी पर स्थित है। ऐसे में कार्यालय के निचले तल के एक कक्ष में आग लगने के बाद काफी देर तक इसकी जानकारी किसी को नहीं हो सकी। कार्यालय बंद होने के कारण अंदर रखे सरकारी दस्तावेज घंटों सुलगते रहे।
चौकीदार और सफाई कर्मचारी को आग की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने तत्काल विभागीय अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद चिड़ियाघर का स्टाफ और अन्य विभागीय कर्मचारी मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया।
अग्निशमन उपकरणों से आग पर पाया काबू
डीएफओ के अनुसार, कार्यालय में उपलब्ध अग्निशमन उपकरणों की मदद से आग को नियंत्रित किया गया। कर्मचारियों की तत्परता से आग को भवन के अन्य कक्षों तक फैलने से रोक लिया गया। हालांकि, आग से निचले तल पर स्थित दो कक्षों में रखे काफी दस्तावेज जल गए हैं। फिलहाल आग से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
भूमि हस्तांतरण से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज जले
जिन दो कक्षों में आग लगी, वहां वन विभाग का लैंड ट्रांसफर अनुभाग संचालित होता था। इन कक्षों में पिछले कई वर्षों से वन भूमि हस्तांतरण सहित अन्य महत्वपूर्ण विभागीय दस्तावेज सुरक्षित रखे गए थे। आग में इनमें से अधिकांश दस्तावेज जलकर राख हो गए।
डीएफओ ने बताया कि डिवीजन कार्यालय के कई बार अलग-अलग स्थानों पर स्थानांतरित होने के कारण विभाग ने अधिकांश पुराने दस्तावेजों को अन्य स्थानों पर भी सुरक्षित रखा था। हालांकि, कार्यालय भवन में करीब 15 वर्षों से संबंधित दस्तावेज मौजूद थे। आग से इनमें से कितने दस्तावेज प्रभावित हुए हैं, इसका आकलन किया जा रहा है।

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