कुमाऊं | बीते दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने कुमाऊं क्षेत्र में जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। पहाड़ी इलाकों में मलबा गिरने से आवागमन अवरुद्ध हो गया है, वहीं मैदानी क्षेत्रों में नदी-नाले उफान पर आ गए हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कुमाऊं की 152 सड़कें बंद हो चुकी हैं, जिससे स्थानीय लोगों की दिनचर्या बाधित हो गई है। बनबसा में शारदा नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक से अधिक पहुंच गया है। इसके चलते बैराज से होकर चारपहिया वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप है। प्रशासन के अनुसार, जब तक जलस्तर एक लाख क्यूसेक से नीचे नहीं आता, वाहनों की आवाजाही शुरू नहीं की जा सकेगी।
नैनीताल में वर्षा ने आठ वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। जनवरी में अब तक 2000 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है, जबकि 2017 में यह आंकड़ा 3045 मिमी रहा था। हल्द्वानी की गौला नदी इस बारिश में रौद्र रूप धारण कर चुकी है, जिसके तेज बहाव से पुल के नीचे बनाए गए चेकडैम बह चुके हैं।
स्कूलों में अवकाश घोषित
प्रदेश के देहरादून, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। हालात को देखते हुए चंपावत और नैनीताल जिलों में बुधवार को कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।
पिथौरागढ़ की चोटियों पर पहली बर्फबारी
बारिश के बीच पिथौरागढ़ जिले की ऊंची चोटियों पर इस मौसम की पहली बर्फबारी भी दर्ज की गई है। व्यास, दारमा और मल्ला जोहार की चोटियां बर्फ से ढक गई हैं। तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। जहाँ कुछ दिन पहले पारा 28 डिग्री सेल्सियस था, वहीं अब यह गिरकर 21 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। राहत और बचाव दल लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

