पिथौरागढ़। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के विकासखंड मूनाकोट एवं विण अंतर्गत ग्राम सभा मड़ खड़ायत एवं सिलौली में उद्योग निदेशालय (उत्तराखंड शासन) के तत्वावधान एवं जिला उद्योग केंद्र पिथौरागढ़ के प्रायोजन से सामाजिक संस्था “उपलब्धि” सामाजिक एवं स्वैच्छिक समिति द्वारा संचालित 21 दिवसीय उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत पारंपरिक लोककला ऐपण प्रशिक्षण का समापन समारोह आयोजित किया गया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 12 दिसंबर 2025 से 01 जनवरी 2026 तक चला, जिसमें कुल 32 स्थानीय ग्रामीण महिलाओं एवं युवतियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ते हुए स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना रहा, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।
समारोह के शुभारंभ में ग्राम प्रधान दीपक सिंह खड़ायत ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए ‘उपलब्धि’ संस्था द्वारा ग्रामीण महिलाओं के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
समापन समारोह में भगवती प्रसाद अवस्थी, सहायक प्रबंधक (मूनाकोट एवं विण), जिला उद्योग केंद्र पिथौरागढ़ ने प्रशिक्षणार्थियों से फीडबैक लिया। प्रशिक्षणार्थियों ने 21 दिवसीय प्रशिक्षण के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने ऐपण कला से निर्मित सामग्री जैसे वर्तन, चौकी, कलश, स्वास्तिक, ओम आदि की प्रशंसा की।
अवस्थी ने प्रशिक्षण के उपरांत स्वरोजगार स्थापित करने हेतु उपलब्ध बैंक ऋण, सब्सिडी, पात्रता शर्तों एवं आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी और महिलाओं को उद्यम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया।
ऐपण प्रशिक्षक सुश्री मंजू भंडारी ने प्रशिक्षण के दौरान अपने अनुभव साझा करते हुए प्रतिभागियों की रचनात्मकता और सीखने की लगन की प्रशंसा की।
संस्था के अध्यक्ष एवं कार्यक्रम समन्वयक नरेन्द्र उपाध्याय ने प्रशिक्षण के सफल समापन पर सभी प्रशिक्षणार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐपण उत्तराखंड, विशेषकर कुमाऊं क्षेत्र की प्राचीन लोककला है, जो समृद्धि, पवित्रता और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से इस लोक परंपरा को जीवंत बनाए रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए तथा अतिथियों एवं जनप्रतिनिधियों को संस्था की ओर से स्मृति चिन्हभेंट किए गए।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान दीपक सिंह खड़ायत, उप प्रधान अंजलि खड़ायत, ऐपण प्रशिक्षक सुश्री मंजू भंडारी, दीक्षित खोलिया सहित समिति के अन्य सदस्य एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

