पिथौरागढ़। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के ग्राम सभा लोहाकोट (विकास खंड–कनालीछीना) में उद्योग निदेशालय, उत्तराखंड शासन के तत्वाधान में सामाजिक संस्था “उपलब्धि” सामाजिक एवं स्वैच्छिक समिति द्वारा 15 एवं 16 नवंबर 2025 को दो दिवसीय उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को भारत सरकार एवं उत्तराखंड सरकार की विभिन्न उद्यमिता व स्वरोजगार योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं व महिलाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़कर स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन करना और लगातार बढ़ते पलायन पर रोक लगाना था।
विशेषज्ञों ने दी उद्यमिता की विस्तृत जानकारी
प्रशिक्षण सत्र में रिचा पांडेय, सहायक प्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र पिथौरागढ़ ने MSME, Startup India, बैंक ऋण, सब्सिडी, प्रशिक्षण प्रक्रिया और आवेदन की संपूर्ण प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने प्रतिभागियों को उद्यमिता विकास के विभिन्न आयामों के बारे में जागरूक किया।
स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यमों पर जोर
संस्था के अध्यक्ष नरेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि ग्रामीण युवा अपने ही गांव में स्थानीय उत्पाद आधारित उद्योग, जैविक खेती, बकरी पालन, मुर्गी पालन, मधुमक्खी (मौन) पालन, मत्स्य पालन, पशुपालन, हस्तशिल्प और होमस्टे जैसे उद्यम स्थापित कर सकते हैं। इससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी बल्कि गांव में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि इन सभी क्षेत्रों में सरकार द्वारा प्रशिक्षण, बैंक ऋण और सब्सिडी की सुविधा उपलब्ध है, जिसका लाभ युवाओं को उठाना चाहिए।
पलायन रोकने की दिशा में ठोस पहल
उपाध्याय ने बताया कि संस्था का लक्ष्य सीमांत क्षेत्रों के युवाओं को स्वावलंबन की दिशा में प्रेरित करना, उन्हें सरकारी योजनाओं से अधिकतम लाभ दिलाना और रोजगार उपलब्ध कराकर पलायन रोकने में सार्थक योगदान देना है।
जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि कुंदन सिंह सामंत, ग्राम प्रधान लोहाकोट, क्षेत्र पंचायत सदस्य लोहाकोट सहित “उपलब्धि” सामाजिक एवं स्वैच्छिक समिति के अध्यक्ष एवं कार्यक्रम समन्वयक नरेन्द्र उपाध्याय, दीक्षित खोलिया तथा समिति की टीम के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।

