Saturday, March 7, 2026
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पिथौरागढ़ में लोक कला ‘ऐपण’ पर 21 दिवसीय उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

पिथौरागढ़। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के ग्राम सभा मड़-खड़ायत एवं सिलौली (संयुक्त कार्यक्रम), विकासखंड मूनाकोट एवं विण में उद्योग निदेशालय, उत्तराखंड शासन के तत्वावधान में सामाजिक संस्था “उपलब्धि” सामाजिक एवं स्वैच्छिक समिति द्वारा उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत 21 दिवसीय लोक कला–ऐपण प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 12 दिसंबर 2025 से 1 जनवरी 2026 तक संचालित किया जाएगा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीण महिलाओं सहित अन्य ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। इस दौरान प्रतिभागियों को भारत सरकार एवं उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित विभिन्न उद्यमिता एवं स्वरोजगार योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़कर स्वावलंबन की दिशा में प्रेरित करना तथा उन्हें अपने गांव में ही स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

प्रशिक्षण सत्र में जिला उद्योग केंद्र, पिथौरागढ़ के सहायक प्रबंधक भगवती प्रसाद अवस्थी (मूनाकोट एवं विण) ने उद्यमिता विकास एवं जागरूकता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, विश्वकर्मा योजना, एमएसएमई, स्टार्टअप इंडिया योजनाओं के अंतर्गत उपलब्ध बैंक ऋण, सब्सिडी, प्रशिक्षण प्रक्रिया, पात्रता शर्तें एवं आवेदन प्रक्रिया की जानकारी ग्रामीणों और महिलाओं को दी। साथ ही प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का समाधान भी किया।

संस्था के अध्यक्ष एवं कार्यक्रम समन्वयक नरेंद्र उपाध्याय ने लोक कला–ऐपण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ऐपण उत्तराखंड, विशेषकर कुमाऊं क्षेत्र की प्राचीन लोक कला है, जो धार्मिक एवं शुभ अवसरों पर घरों, मंदिरों एवं आंगनों में बनाई जाती है। उन्होंने कहा कि ऐपण न केवल सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, बल्कि इसे स्वरोजगार से जोड़कर ग्रामीण महिलाओं की आय में भी वृद्धि की जा सकती है।

उन्होंने ग्रामीण युवाओं से स्थानीय उत्पाद, जैविक खेती, बकरी पालन, मुर्गी पालन, मौन पालन, मत्स्य पालन, पशुपालन, हस्तशिल्प एवं होमस्टे जैसे उद्यम अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में सरकार द्वारा प्रशिक्षण, बैंक ऋण एवं सब्सिडी की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और पलायन पर अंकुश लगेगा।

कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि दीपक सिंह खड़ायत (ग्राम प्रधान, मड़-खड़ायत), हेमराज सिंह खड़ायत (क्षेत्र पंचायत सदस्य), ऐपण प्रशिक्षक मंजू भंडारी, श्री दीक्षित खोलिया सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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