पिथौरागढ़। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को पिथौरागढ़ जिले के सीमांत गांव मिलम का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों से मुलाकात कर उनकी राष्ट्रसेवा के जज्बे और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में किए जा रहे समर्पित कार्यों की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा में जवानों का योगदान अतुलनीय और प्रेरणास्रोत है। उन्होंने जवानों के अनुशासन, परिश्रम और देशभक्ति की प्रशंसा करते हुए कहा कि सीमाओं पर तैनात जवानों के कारण ही देशवासी सुरक्षित महसूस करते हैं।
सीएम धामी ने इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों से भी संवाद किया। उन्होंने क्षेत्र के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सीमांत गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए ‘वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ तेजी से क्रियान्वित किया जा रहा है। इसके तहत सीमांत क्षेत्रों को बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने, युवाओं को रोजगार देने और गांवों को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास जारी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में इन इलाकों में सड़क, संचार, स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि सीमावर्ती नागरिकों का जीवन स्तर बेहतर हो सके।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के लिए तीन प्रमुख घोषणाएं भी कीं जोहार क्लब, मुनस्यारी में एक इनडोर स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा। ग्राम मिलम स्थित नंदा देवी मंदिर का सौंदर्यीकरण कार्य कराया जाएगा। ग्राम बिल्जू में सामुदायिक मिलन केंद्र का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सीमांत क्षेत्र के नागरिकों के सहयोग और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर आईटीबीपी के आईजी संजय गुंज्याल, स्थानीय ग्रामीण और सीमा सुरक्षा बलों के जवान उपस्थित रहे।

