देहरादून/टिहरी/हरिद्वार: उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने प्रदेशभर में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा को फिलहाल सुरक्षा कारणों के चलते रोक दिया गया है। वहीं, प्रसिद्ध पर्यटन स्थल फूलों की घाटी में भी पर्यटकों का प्रवेश रोक दिया गया है। मंगलवार को 150 पर्यटकों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
बदरीनाथ हाईवे ध्वस्त, सैकड़ों यात्री फंसे
बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पीपलकोटी के पास ‘बेनेर पानी’ क्षेत्र में हाईवे करीब 15 मीटर तक ध्वस्त हो गया है। एनएचआईडीसीएल की टीम जेसीबी और पोकलैंड मशीनों से सड़क बहाली के प्रयास में जुटी है। हाईवे के दोनों ओर करीब 800 तीर्थयात्री और स्थानीय लोग फंसे हुए हैं। यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है और हाईवे खुलने का इंतजार किया जा रहा है।
परमार्थ निकेतन भवन जलमग्न, शिव मूर्ति तक पहुंचा गंगा का पानी
ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन के गंगा तट पर हाल ही में जी-20 के दौरान लाखों रुपये की लागत से किए गए सौंदर्यीकरण कार्य पानी में डूब गए हैं। गंगा का जलस्तर इतना बढ़ गया है कि पानी शिव मूर्ति तक पहुंच गया है। टिहरी में एक वाहन मलबे में फंस गया है, जिससे यातायात बाधित हो गया है।
रेल सेवाएं भी प्रभावित, ट्रैक क्षतिग्रस्त
हरिद्वार-मोतीचूर सिंगल लाइन रेलखंड पर एक टनल के पास भारी चट्टान गिरने से रेल ट्रैक और ओएचई लाइन को नुकसान पहुंचा है। इस कारण कई ट्रेनों को रद्द, शॉर्ट टर्मिनेट और शॉर्ट ओरिजिनेट किया गया है। बुधवार सुबह हुई इस घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने सभी ट्रेनों की आवाजाही अस्थाई रूप से रोक दी है।
परीक्षा देने से चूके छात्र
भारी बारिश का असर छात्रों पर भी पड़ा है। टिहरी जिले के साहिल कुमार और सुजल कुमार को बुधवार को पौड़ी गढ़वाल के इंटरमीडिएट कॉलेज कोट में भौतिकी का बैक पेपर देना था। दोनों छात्र सुबह 6 बजे ही देवप्रयाग बाजार से निकलने के लिए तैयार थे, लेकिन बारिश और सड़क बंद होने के कारण कोई वाहन उपलब्ध नहीं हो सका, जिससे वे परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए।
नदी का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन सतर्क
श्रीनगर में अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ा है, हालांकि अभी यह खतरे के निशान से नीचे है। प्रशासन सतर्क है और लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन का फैसला
नंदा देवी नेशनल पार्क के उपनिदेशक तरुण सलएस ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से तीर्थयात्रा और पर्यटक आवाजाही को अस्थाई रूप से रोका गया है। स्थिति सामान्य होते ही यात्रा फिर से शुरू की जाएगी।

