Saturday, March 7, 2026
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यूजेएल बिजनेस प्लान पर आयोग की सख्ती: लाइन लॉस कम करने की बड़ी चुनौती, कई शहरों में नुकसान 50% से भी ज्यादा

देहरादून। उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के सामने अगले तीन वर्षों के लिए प्रस्तुत किए गए बिजनेस प्लान में लाइन लॉस (बिजली आपूर्ति में हानि) को लेकर बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। नियामक आयोग ने यूपीसीएल की ओर से लाइन लॉस के लिए किए गए दावों को खारिज करते हुए ज्यादा सख्त लक्ष्य तय किए हैं।

यूपीसीएल ने 2025-26 के लिए लाइन लॉस 13.50% अनुमानित किया था, लेकिन आयोग ने इसे घटाकर 12.75% स्वीकृत किया। इसी प्रकार, 2026-27 के लिए यूपीसीएल ने 13.21% का दावा किया, जिसके विरुद्ध आयोग ने 12.25% तय किया है। 2027-28 के लिए 12.95% क्लेम के मुकाबले आयोग ने सिर्फ 11.75% की मंजूरी दी है।

तीन सालों में हकीकत उलट रही लक्ष्य से

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि बीते तीन सालों में यूपीसीएल अपने निर्धारित लक्ष्यों को पाने में असफल रहा है।

  • 2021-22: लक्ष्य 13.75%, वास्तविक नुकसान 14.70%

  • 2022-23: लक्ष्य 13.50%, वास्तविक नुकसान 16.39%

  • 2023-24: लक्ष्य 13.25%, वास्तविक नुकसान 15.63%

आयोग ने यूपीसीएल की याचिका में किसी नए तथ्य या पुनर्विचार का उचित आधार न मानते हुए इसे खारिज कर दिया है। 5 अगस्त को इस याचिका पर जनसुनवाई भी हुई थी, जिसमें कई हितधारकों ने कंपनी की दलीलों का विरोध किया।

कुछ शहरों में हालात बेहद चिंताजनक

2023-24 में कई शहरों में बिजली लाइन लॉस का प्रतिशत 50% से भी अधिक रहा, जो यूपीसीएल के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुका है।

शहर प्रतिशत नुकसान
लंढौरा 69.40%
जोशीमठ 53.92%
खटीमा 53.00%
मंगलौर 47.62%
सितारगंज 27.25%
जसपुर 27.00%
लक्सर 27.00%
गदरपुर 30.58%
क्या है लाइन लॉस

लाइन लॉस का मतलब है बिजली के उत्पादन और उपभोक्ता तक पहुंचने के बीच होने वाला नुकसान। इसमें तकनीकी खराबियों के साथ-साथ बिजली चोरी जैसी समस्याएं भी शामिल होती हैं। अधिक लाइन लॉस का सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ता है, क्योंकि इससे दरों में बढ़ोतरी की आशंका बनी रहती है।

निगम के सामने क्या है रास्ता

आयोग द्वारा तय किए गए नए लक्ष्य यूपीसीएल के लिए मुश्किल भरे हो सकते हैं, लेकिन इन्हें हासिल करना अनिवार्य है। कंपनी को तकनीकी सुधार, निगरानी व्यवस्था में मजबूती और उपभोक्ताओं के साथ बेहतर समन्वय बनाकर ही इस लक्ष्य को प्राप्त करना होगा।

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