भराड़ीसैंण/गैरसैंण | उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण में आज से विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो गया है, जो 22 अगस्त तक चलेगा। चार दिवसीय इस सत्र में सरकार की नीतियों और प्रशासनिक कार्यशैली पर तीखी बहस के आसार हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी वित्त मंत्री के रूप में लगभग 5000 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश करेंगे।
विपक्ष का हंगामा, कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
सत्र के पहले दिन से ही विपक्ष आक्रामक नजर आया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि “भाजपा के कुकृत्यों ने प्रदेश को शर्मसार किया है।” कांग्रेस विधायकों ने वेल में उतरकर जोरदार नारेबाजी की। कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने नियम 310 के तहत कानून व्यवस्था को लेकर विशेष चर्चा की मांग की, जिसे लेकर विपक्ष ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
सदन से पहले CM और नेता प्रतिपक्ष की मुलाकात
सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य से भेंट की। इस मौके पर संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल भी मौजूद रहे। माना जा रहा है कि इस मुलाकात में सत्र को शांतिपूर्ण और सार्थक तरीके से चलाने को लेकर चर्चा हुई।
कांग्रेस का विधानसभा घेराव और धरना प्रदर्शन
20 अगस्त को कांग्रेस द्वारा विधानसभा घेराव का ऐलान किया गया है। कांग्रेस गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने, क्षेत्र की शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़कों की बदहाली जैसे मुद्दों को लेकर आक्रोशित है। ब्लॉक अध्यक्ष दान सिंह नेगी ने बताया कि रामलीला मैदान से रैली निकाली जाएगी और विधानसभा का घेराव किया जाएगा। वहीं, पूर्व अनशनकारी भुवन कठायत ने सत्र के तीनों दिन रामलीला मैदान में धरना-प्रदर्शन की घोषणा की है।
ये प्रमुख विधेयक होंगे पेश
इस मानसून सत्र में कई अहम विधेयक सदन में प्रस्तुत किए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं:
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उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता (संशोधन) विधेयक 2025
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उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक 2025
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उत्तराखंड साक्षी संरक्षण (निरसन) विधेयक 2025
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उत्तराखंड समान नागरिकता (संशोधन) विधेयक
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लोकतंत्र सेनानियों की सुविधाएं बढ़ाने से संबंधित विधेयक 2025
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पंचायत राज संशोधन विधेयक
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अनुपूरक बजट विधेयक
अध्यक्ष का आह्वान: गरिमा बनाए रखें
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा, “सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चले, इसके लिए सत्ता और विपक्ष दोनों से सहयोग की अपेक्षा करती हूं। सभी विधायकों से मेरा आग्रह है कि प्रदेश के विकास और जनहित के मुद्दों पर गरिमापूर्ण ढंग से चर्चा करें।”

