देहरादून: कारगिल विजय दिवस (शौर्य दिवस) के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को गांधी पार्क स्थित शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर कारगिल युद्ध में शहीद हुए वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने कारगिल शहीदों के परिजनों को सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कई अहम घोषणाएं करते हुए बताया कि चमोली जिले के कालेश्वर में ई.सी.एच.एस एवं सैनिक विश्राम गृह तथा नैनीताल में भी सैनिक विश्राम गृह का निर्माण किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि उपनल (उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम) के माध्यम से पूर्व सैनिकों को विदेशों में रोजगार दिलाया जाएगा, जिसमें 50% सिविलियन को भी शामिल किया जाएगा। वर्तमान में उपनल के माध्यम से राज्य के 22,500 लोगों को रोजगार दिया जा रहा है, और इनकी विनियमितीकरण की प्रक्रिया भी प्रगति पर है।
मुख्यमंत्री ने कारगिल युद्ध के शहीदों को याद करते हुए कहा कि भारत के वीर जवानों ने अदम्य साहस और शौर्य का प्रदर्शन करते हुए दुश्मन को परास्त किया। उन्होंने बताया कि कारगिल युद्ध में उत्तराखंड के 75 वीर जवान शहीद हुए थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सेनाएं और भी सशक्त हुई हैं। हाल ही में संपन्न ऑपरेशन ‘सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ऑपरेशन के माध्यम से भारत ने चार दिनों में पाकिस्तान को घुटनों पर ला खड़ा किया और यह स्पष्ट संदेश दिया कि भारत की बेटियों के सम्मान से खिलवाड़ करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा सैनिकों एवं उनके परिवारों के लिए उठाए गए कई कल्याणकारी कदमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि:
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शहीदों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख कर दी गई है।
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परमवीर चक्र से सम्मानित सैनिकों की अनुग्रह राशि ₹50 लाख से बढ़ाकर ₹1.5 करोड़ कर दी गई है।
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वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त एवं वार्षिक राशि में वृद्धि की गई है।
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शहीद के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जा रही है और आवेदन की अवधि दो साल से बढ़ाकर पांच साल कर दी गई है।
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पूर्व सैनिकों को परिवहन निगम की बसों में नि:शुल्क यात्रा की सुविधा और ₹25 लाख तक की संपत्ति पर 25% स्टाम्प ड्यूटी छूट दी जा रही है।
इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि अब तक उत्तराखंड के 1,831 जवान शहीद हो चुके हैं, जिनमें से 1,528 को वीरता पुरस्कार और 344 को विशिष्ट सेवा पदक प्राप्त हुए हैं। राज्य सरकार अब तक 37 शहीद आश्रितों को सरकारी नौकरी दे चुकी है।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, विधायक सविता कपूर, दायित्वधारी विनोद उनियाल, सचिव सैनिक कल्याण दीपेंद्र चौधरी, मेजर जनरल सम्मी सबरवाल (से.नि), ब्रिगेडियर अमृत लाल (से.नि), एमडी उपनल ब्रिगेडियर जे.एस. बिष्ट (से.नि), ब्रिगेडियर के.जी. बहल (से.नि), जिलाधिकारी सविन बंसल, एसएसपी अजय सिंह सहित अनेक सैन्य अधिकारी, पूर्व सैनिक एवं शहीदों के परिजन उपस्थित रहे।

