विधानसभा बजट सत्र के चौथे दिन कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। सत्र की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ड्यूटी पर तैनात जवानों और अधिकारियों के बीच पहुंचे। उन्होंने जवानों से संवाद कर सत्र के दौरान आने वाली चुनौतियों, ड्यूटी से जुड़ी कठिनाइयों और व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। साथ ही रहने-खाने की व्यवस्था और फील्ड डिप्लॉयमेंट को लेकर महत्वपूर्ण फीडबैक भी लिया। डीजीपी ने कहा कि ग्राउंड जीरो पर काम कर रहे पुलिसकर्मियों से सीधे सुझाव मिलने से भविष्य की कार्ययोजनाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
सत्र के दौरान विपक्ष ने स्वास्थ्य योजना के अंशदान और भुगतान को लेकर सरकार को घेरा। विपक्षी विधायकों ने पूछा कि योजना के लिए कितनी धनराशि की व्यवस्था की गई है और कर्मचारियों का कितना भुगतान किया गया है। मंत्री द्वारा स्पष्ट जवाब नहीं देने पर विपक्ष ने बार-बार सही जानकारी देने की मांग की।
इस बीच सरकार ने गैरसैंण को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की योजना का भी जिक्र किया। भराड़ीसैंण में अवस्थापना विकास के कार्य जारी हैं, हालांकि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के लिए ठहरने की पर्याप्त व्यवस्था अभी भी चुनौती बनी हुई है।
सदन में मिलावटी खाद्य पदार्थों और हाट बाजारों में बिकने वाले खाद्य उत्पादों की जांच को लेकर भी चर्चा हुई। स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि हाट बाजारों में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की जांच जल्द शुरू की जाएगी और इस संबंध में नीतिगत निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग में कर्मियों की कमी को दूर करने के लिए प्रतिनियुक्ति के लिए आवेदन किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने सदन को जानकारी देते हुए कहा कि कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए गोल्डन कार्ड के माध्यम से कैशलेस इलाज पर अब तक 771 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। वहीं विधानसभा सत्र के दौरान जनहित के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा जारी है।

