देहरादून: उत्तराखंड विधानसभा में आज विपक्ष के भारी हंगामे के बावजूद नौ महत्वपूर्ण विधेयक पारित कर दिए गए। कार्यवाही के दौरान विपक्षी विधायकों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, कागज फाड़े और पोस्टर लहराए, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने सभी प्रस्तावित विधेयकों को पारित करवा लिया। बाद में सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।
उत्तराखंड अल्पसंख्यक विधेयक को मिली मंजूरी
सदन में उत्तराखंड अल्पसंख्यक विधेयक पारित हो गया है। इस विधेयक के तहत अब राज्य में अल्पसंख्यक समुदायों के लिए एक अलग प्राधिकरण का गठन किया जाएगा, जो मदरसों को मान्यता देने सहित अन्य अधिकारों का संरक्षण करेगा।
लिव-इन रिलेशनशिप पर सख्ती
समान नागरिक संहिता (संशोधन) विधेयक भी आज सदन में पारित किया गया। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति गलत तरीके से लिव-इन रिलेशनशिप में रहता है, तो उस पर अब और अधिक सख्त सजा का प्रावधान होगा।
धर्मांतरण कानून में संशोधन, उम्रकैद तक की सजा संभव
धर्मांतरण विरोधी कानून में संशोधन करते हुए सरकार ने इसे और अधिक कठोर बना दिया है। नया कानून जबरन या प्रलोभन देकर किए गए धर्मांतरण के मामलों में उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान करता है।
5315 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पारित
सदन में 5315 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट भी विपक्ष के विरोध के बावजूद पारित कर दिया गया। इस बजट के तहत विभिन्न विभागों को अतिरिक्त वित्तीय संसाधन प्रदान किए जाएंगे।
विपक्ष का हंगामा, कागज फाड़े गए, पोस्टर लहराए
सदन की कार्यवाही के दौरान विपक्ष का प्रदर्शन लगातार जारी रहा। कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने सदन में कागज फाड़कर उछाले, जबकि निर्दलीय विधायक संजय डोभाल ने पोस्टर दिखाकर विरोध जताया। मार्शल को हस्तक्षेप कर उन्हें हटाना पड़ा।
कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
इन सभी घटनाक्रमों के बीच, विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की। हालांकि हंगामे के बीच विभिन्न विभागों के वार्षिक प्रतिवेदन पटल पर रखे गए।

