Tuesday, March 10, 2026
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सदन में सरकार का दावा: पिरूल खरीद से वनाग्नि नियंत्रण, रोपवे परियोजनाओं पर तेजी

गैरसैंण। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान सरकार ने वनाग्नि नियंत्रण, रोपवे परियोजनाओं, सड़कों की मरम्मत और पंचायत भवनों के निर्माण को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां सदन में साझा कीं। मंत्रियों ने बताया कि इन क्षेत्रों में सरकार की ओर से तेजी से काम किया जा रहा है।

वनाग्नि रोकने के लिए पिरूल खरीद पर जोर

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि प्रदेश में वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने बड़े स्तर पर पिरूल (चीड़ की सूखी पत्तियां) की खरीद शुरू की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर एक वर्ष में ग्रामीणों से 5 करोड़ 42 लाख रुपये का पिरूल खरीदा गया है। वर्ष 2025 में 5532 टन पिरूल खरीदा गया, जिसे बढ़ाकर अब 8555 टन करने का लक्ष्य रखा गया है।

वनाग्नि रोकने के लिए जनजागरूकता पर भी जोर दिया जा रहा है। अब तक 1239 जागरूकता कैंप आयोजित किए जा चुके हैं। इसके साथ ही ग्राम प्रधानों की अध्यक्षता में फॉरेस्ट फायर मैनेजमेंट कमेटियां गठित की गई हैं, जिन्हें जंगलों की सुरक्षा के लिए 30 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।

रोपवे परियोजनाओं पर तेजी

पर्यटन विभाग की ओर से बताया गया कि प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों को रोपवे से जोड़ने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। कद्दूखाल से सुरकंडा देवी मंदिर तक रोपवे का संचालन पीपीपी मोड में शुरू हो चुका है। वहीं ठुलीगाड़ से पूर्णागिरी, जानकीचट्टी से यमुनोत्री मंदिर, गौरीकुंड से केदारनाथ धाम और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक रोपवे परियोजनाओं पर काम जारी है।

सात हजार किमी से अधिक सड़कें गड्ढामुक्त

लोक निर्माण विभाग ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश में सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान चलाया गया। वर्ष 2025-26 में मानसून से पहले 3134 किमी और मानसून के बाद 10 नवंबर 2025 तक 4149.17 किमी सड़कों को गड्ढामुक्त किया गया। इस तरह कुल 7 हजार किमी से अधिक सड़कें गड्ढामुक्त की जा चुकी हैं। अकेले हरिद्वार जिले में 313 किमी से अधिक सड़कें दुरुस्त की गईं।

चार साल में बने 819 पंचायत भवन

पंचायतीराज मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि मुख्यमंत्री धामी के दूसरे कार्यकाल के चार वर्षों में प्रदेश में 819 पंचायत भवनों का निर्माण और पुनर्निर्माण किया गया है। प्रदेश में कुल 5867 पंचायत भवन हैं, जिनमें से 1134 भवन जर्जर स्थिति में थे। सरकार ने अभियान चलाकर इनके पुनर्निर्माण का काम शुरू किया है और शेष भवनों पर भी कार्य जारी है।

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