Saturday, March 7, 2026
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उत्तराखंड में उमस और बारिश का दोहरा असर, चारधाम मार्गों पर भी बनी है चुनौती

उत्तराखंड में बीते कुछ दिनों से बारिश से जरूर राहत मिली है, लेकिन बारिश थमते ही उमस भरी गर्मी ने प्रदेशवासियों को परेशान करना शुरू कर दिया है। मैदानी ही नहीं, पर्वतीय क्षेत्रों में भी उमस लोगों को बेचैन कर रही है।

आज फिर पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश की संभावना, येलो अलर्ट जारी

मौसम विज्ञान केंद्र ने आज प्रदेश के पर्वतीय जिलों के कुछ हिस्सों में तेज बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, मैदानी इलाकों में गरज और बिजली चमकने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 14 सितंबर तक पूरे प्रदेश में हल्की बारिश के आसार बने रहेंगे।

बारिश से सड़कों को भारी नुकसान, अब भी 80 सड़कें बंद

आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन के अनुसार, इस बार अगस्त महीने में औसतन 300-350 मिमी बारिश होने की उम्मीद थी, लेकिन 554 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे सड़कों को भारी नुकसान पहुंचा।
अब तक 1,786 सड़कें बंद हुईं, जिनमें से 1,706 सड़कें खोल दी गई हैं, जबकि अब भी 80 सड़कें बंद हैं।

उन्होंने बताया कि जहां भी रास्ते बंद हो रहे हैं, उन्हें लगातार खोला जा रहा है, लेकिन बारिश के दोबारा शुरू होते ही कई रास्ते फिर से बाधित हो रहे हैं। इससे स्थानीय परिसंपत्तियों को भी भारी नुकसान हुआ है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर मानसून खत्म होते ही सभी सड़कों को गड्ढामुक्त और सुगम बनाने का काम तेजी से शुरू किया जाएगा।

चारधाम यात्रा मार्गों की स्थिति चिंताजनक, कई जगहों पर खतरा

आपदा प्रबंधन सचिव ने जानकारी दी कि गंगोत्री और यमुनोत्री यात्रा मार्ग खोल दिए गए हैं, लेकिन कई स्थानों पर यात्रा के लिए खतरनाक हालात बने हुए हैं। इन क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क धंसने जैसी समस्याएं हैं। जब तक इन खतरनाक स्थानों को सुरक्षित नहीं किया जाता, तब तक यात्रा पूरी तरह सुरक्षित नहीं मानी जा सकती। प्रशासन का कहना है कि मरम्मत और सुरक्षा कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि यात्रा मार्ग जल्द ही सुरक्षित बनाए जा सकें।

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