गैरसैंण/भराड़ीसैंण: उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के चौथे दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संकेत दिए कि जरूरत पड़ने पर विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि विपक्ष जितनी चर्चा चाहता है, सरकार उससे पीछे नहीं हटेगी और हर सवाल का जवाब दिया जाएगा।
सदन के बाहर मंत्री और कांग्रेस विधायकों की मुलाकात
सत्र शुरू होने से पहले सदन के बाहर शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत और अन्य भाजपा विधायकों ने कांग्रेस विधायकों से मुलाकात की। इस दौरान सत्र से जुड़े मुद्दों पर अनौपचारिक बातचीत भी हुई।
सीएम ने भराड़ी देवी मंदिर में किए दर्शन
सत्र के शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भराड़ीसैंण स्थित भराड़ी देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेश की सुख–समृद्धि और विकास के लिए माता के चरणों में प्रार्थना की।
विपक्ष ने नियमों के उल्लंघन का लगाया आरोप
विपक्ष ने सरकार पर विधानसभा की कार्यवाही नियमों के अनुसार न चलाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि नियमों के मुताबिक बजट और राज्यपाल के अभिभाषण पर अलग-अलग चार दिन चर्चा होनी चाहिए, लेकिन इस बार दोनों विषयों पर एक ही दिन चर्चा कराई जा रही है। विरोध स्वरूप विपक्षी विधायकों ने सदन के बीच जाकर विधानसभा अध्यक्ष को कार्य संचालन नियमावली की पुस्तिका भी लौटा दी।
राज्यपाल के अभिभाषण पर पक्ष-विपक्ष आमने-सामने
राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष ने इसे विकासोन्मुख और सभी वर्गों पर केंद्रित बताया, जबकि विपक्ष ने इसे दिशाहीन बताते हुए कहा कि यह सरकार द्वारा तैयार किया गया राजनीतिक दस्तावेज है।
सोमवार तक बढ़ सकता है सत्र
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो रविवार को अवकाश रखकर सोमवार को भी सदन चलाया जा सकता है, ताकि विपक्ष द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हो सके। उन्होंने कहा कि गैरसैंण प्रदेश के स्वाभिमान और उम्मीदों का प्रतीक है और सरकार इसे और सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

