नई दिल्ली: उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से शिष्टाचार भेंट कर राज्य में खेलों के समग्र विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य में खेल अवस्थापना के सुदृढ़ीकरण, खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन में केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किए गए सहयोग के लिए प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस आयोजन ने उत्तराखण्ड को ‘खेलभूमि’ के रूप में एक नई पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से प्रदेश ने खेल क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय मंत्री से जिला अल्मोड़ा के डीनापानी में उच्च स्तरीय खेल सुविधा की स्थापना, देहरादून के महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में आइस स्केटिंग रिंग के संचालन, नई टिहरी में साहसिक प्रशिक्षण केंद्र के उच्चीकरण, चंपावत के महिला स्पोर्ट्स कॉलेज में इंडोर आर्टिफिशियल रॉक क्लाइम्बिंग सुविधा, तथा राज्य के 95 विकासखण्डों में बहुउद्देशीय क्रीड़ाहॉल के निर्माण जैसे प्रस्तावों को स्वीकृति देने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि उत्तराखण्ड में राज्य का प्रथम खेल विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है, जो न केवल खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देगा, बल्कि खेल से संबंधित शैक्षणिक पाठ्यक्रमों की भी सुविधा प्रदान करेगा। उन्होंने इस विश्वविद्यालय को एक अग्रणी खेल संस्थान के रूप में विकसित करने के लिए केंद्र सरकार से आवश्यक सहयोग और आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने उत्तराखण्ड में खेलों को बढ़ावा देने हेतु हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि केंद्र सरकार राज्य के खेल विकास में पूरी प्रतिबद्धता के साथ योगदान देने को तत्पर है।

