नई दिल्ली – सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए अपने हाई सिक्योरिटी जोन में फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। कोर्ट ने यह कदम न्यायपालिका की गरिमा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया है।
सुप्रीम कोर्ट सचिवालय की ओर से जारी आधिकारिक सर्कुलर के अनुसार, यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। अब कोई भी वकील, लिटिगेंट, इंटर्न, लॉ क्लर्क या मीडिया कर्मी कोर्ट परिसर के उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में रील्स, सेल्फी या वीडियो नहीं बना सकेगा।
सर्कुलर के प्रमुख बिंदु:
- हाई सिक्योरिटी जोन में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पूरी तरह प्रतिबंधित।
- मीडिया इंटरव्यू और लाइव कवरेज केवल लो सिक्योरिटी जोन के मीडिया लॉन तक सीमित रहेंगे।
- मोबाइल, कैमरा, ट्राइपॉड, सेल्फी-स्टिक जैसे उपकरणों का उपयोग भी केवल आधिकारिक जरूरत पर ही संभव होगा।
- नियमों के उल्लंघन पर बार एसोसिएशन, राज्य बार काउंसिल और संबंधित विभागीय प्रमुख कार्रवाई करेंगे।
- मीडिया कर्मियों के उल्लंघन पर उनकी एंट्री एक महीने के लिए प्रतिबंधित कर दी जाएगी।
- सुरक्षा कर्मियों को किसी को भी वीडियो या फोटो लेने से रोकने का अधिकार होगा।
हाल के दिनों में कोर्ट परिसर में सोशल मीडिया के लिए बनाए जा रहे कंटेंट को लेकर वकीलों और बार काउंसिल ने चिंता जताई थी। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने भी इस संबंध में प्रस्ताव पारित कर कड़े नियमों की मांग की थी।
सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश न्यायिक परिसर की गंभीरता, गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक मजबूत और आवश्यक कदम माना जा रहा है। इससे कोर्ट परिसर में अनुशासन और पेशेवर माहौल को बढ़ावा मिलेगा।

