Sunday, March 8, 2026
Homeखास खबरकोरोना प्रभावित इलाके के 4 कब्रिस्तानों में 7 दिन में 145 दफन:...

कोरोना प्रभावित इलाके के 4 कब्रिस्तानों में 7 दिन में 145 दफन: अचानक बढ़ी शवों की संख्या, प्रशासन चिंता में

इंदौर (मध्य प्रदेश) : दैनिक भास्क मध्य प्रदेश का प्रमुख समाचार पत्र है। उसके अनुसार इंदौर में पिछले एक हफ्ते में मुस्लिमों के कब्रगाह पर आने वाले शवों में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिली है। समाचार पत्र के अनुसार, इंदौर में मुस्लिमों के 4 कब्रिस्तान हैं जिनमें 1 से 6 तारीख के बीच में 127 लोगों के शवों को दफनाया गया और 7 वें दिन तक ये आँकड़ा 145 पहुँच गया। जबकि पुरानी डेटा को देखें तो मालूम पड़ता है कि पूरे मार्च में इन 4 कब्रिस्तान में सिर्फ़ 130 लोगों के शव आए।

भास्कर का दावा है कि एक दिन में ही 18 जनाजे सिर्फ उन्हीं चार कब्रिस्तान में पहुँचे जो क्वारंटाइन एरिया के लिए ही हैं। बता दें 7 अप्रैल तक जितने भी कोरोना के कारण मौत के मामले आए उनमें से अकेले 13 सिर्फ़ इंदौर से हैं। इसलिए प्रशासन के लिए ये खुलासा एक चिंता का विषय है।

रिपोर्ट के अनुसार, खजराना, चंदनगर, रानीपुर-दौलतगंज-हाथीपाला, आज़ादनगर, टाटपट्टी बाखल-सिलावटपुरा और बॉम्बे बाज़ार क्षेत्रों में कोरोनोवायरस पॉजिटिव के सबसे ज्यादा मामले पाए गए।

इसके बाद ही भास्कर ने इन क्षेत्रों के चार प्रमुख मुस्लिम कब्रिस्तानों में अप्रैल के पहले सप्ताह में दफनाए गए शवों की संख्या की पड़ताल की। हालाँकि, कब्रिस्तान में बनाए गए रजिस्टर में इन लोगों के मौत का कारण ब्लडप्रेशर, डायबिटीज़, आदि का उल्लेख किया गया। मगर, यदि मार्च के आँकड़ों के साथ इनकी तुलना करें तो ये काफी खतरनाक है।

रिपोर्ट् के मुताबिक महू नाका मुस्लिम कब्रिस्तान में मार्च माह में 46 शवों को दफनाया गया था, जबकि अप्रैल में ये आँकड़ा केवल 6 दिन में (1-6 अप्रैल) 42 था। इसी तरह टाटपट्टी बाखल और आसपास के इलाकों के लिए मुस्लिम कब्रिस्तान में मार्च में दफन किए गए शवों की संख्या 36 थी और अप्रैल के 6 दिनों में ये संख्या 44 है। अन्य दो मुस्लिम कब्रिस्तानों में भी मार्च माह में 20 और 28 शव दफन किए गए। लेकिन, अप्रैल के 6 दिनों में यहाँ 20 और 21 शव दफन किए गए।

बता दें, एक ओर जहाँ मुस्लिम कब्रगाह में शवों के दफनाए जाने की सूचना इस तरह अचानक बढ़ी है। वहीं श्मशान घाटों में हिंदुओं के दाह संस्कार करने की संख्या पहले जैसी है।

भास्कर की रिपोर्ट से यह पता चलता है कि मृतकों के मामले में, उनके यात्रा के इतिहास और कोरोना लक्षण दिखने के बावजूद उनके नमूने नहीं लिए गए। जैसे, इस बीच ट्रेवल हिस्ट्री का इतिहास रखने वाले 42 वर्षीय नावेद की मृत्यु हुई। मगर, उनका न तो परीक्षण हुआ और न इलाज हुआ।

इसके बाद नावेद के 48 वर्षीय चचेरे भाई इरफान को 26 मार्च को साँस लेने की समस्या हुई। जिसे सीएचएल अस्पताल में भर्ती कराया गया। अगले दिन हालत गंभीर होने के कारण उन्हें गोकुलदास अस्पताल में भर्ती करवाया लेकिन अगले दिन उनकी मृत्यु हो गई। बाद में इरफान की टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आई। और उनके भाई ने कहा कि इरफान तो दहशत में ही चले गए।

बता दें कि भास्कर की रिपोर्ट में ऐसे चौंकाने वाले नंबर सामने आने के बाद खुफिया एजेंसियों ने अब इसकी जाँच शुरू कर दी है। साथ ही इन आँकड़ों पर रिपोर्ट माँगी है। भास्कर द्वारा प्रकाशित एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को उपरोक्त चार मुस्लिम कब्रिस्तानों में 20 और शवों को दफनाया गया था।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
video
play-sharp-fill

Most Popular

Recent Comments